रासना गांव में काम सफाई करते लोग।
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मेरठ में ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत रासना गांव में तालाब के जीर्णोद्धार के लिए जिला परियोजना अधिकारी की देखरेख में कार्य शुरू कराया गया। इस मौके पर तालाब से अतिक्रमण हटाकर उनके सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया गया।
शासन स्तर से गांव व कस्बों में तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए चलाए जा रहे अभियान ‘कैच द रेन’ की शुरुआत रोहटा ब्लॉक में रविवार को मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी के निर्देश पर रासना गांव में की गई। परियोजना निदेशक एमएल व्यास व खंड विकास अधिकारी राजीव वर्मा ने रासना गांव में तालाबों का जायजा लिया। टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि गांव में पूर्व में छह तालाब थे। लेकिन इनमें से ज्यादातर पर अब ग्रामीणों ने अवैध कब्जे कर मकान बना लिए हैं। टीम को मौके पर दो तालाब ही मिले। जिनमें साफ-सफाई और पानी की निकासी नहीं होने का कारण गंदगी थी। मौके पर टीम को डेढ़ हेक्टेयर के करीब तालाब चालू मिले। जिसकी पैमाइश कराकर तकनीकी सहायक सत्येंद्र सिंह ने तालाब के जीर्णोद्धार के लिए एस्टीमेट बनाया।
खंड विकास अधिकारी राजीव वर्मा ने बताया कि गांव का पानी गांव में रखने के लिए तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया गया है। तालाबों व रास्तों पर से अवैध कब्जे हटाकर जीर्णोद्धार कर सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
टीम ने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने सेंसर पाल के मकान का भी निरीक्षण किया और मकान पर रंगाई पुताई करने के लिए टीम को निर्देश दिए। इस मौके पर ग्राम प्रधान अमरीश कुमार, पवन शर्मा, बबली त्यागी, मंजू, राजीव त्यागी, सत्येंद्र त्यागी व शिवकुमार त्यागी, गुलशन प्रधान आदि मौजूद रहे।