चौधरी जयंत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मतदाता इस बार विकास के पथ पर चलकर सपा-रालोद गठबंधन को मौका देंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सभी पांच राज्यों में जीत की बात का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद को बेहद शक्तिशाली मान रहे होंगे,लेकिन हम प्रगति की राह पर चल रहे हैं।
मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे विचार जमीनी स्तर पर पहुंचे हैं और मतदाता हमें एक मौका अवश्य देंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि सपा रालोद गठबंधन सकारात्मक राजनीति को बढ़ावा देने के साथ-साथ आशा और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आप मुझे 'बच्चा' या 'लड़का' कह सकते हैं, मैं इसकी परवाह नहीं करता। हम आशावादी और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम सकारात्मक राजनीति को बढ़ावा देना चाहते हैं। अखिलेश और मैं रोजगार, कृषि के मुद्दों पर काम करना चाहते हैं।
पश्चिमी यूपी में औद्योगीकरण की बहुत आवश्यकता है। उन्हें कहा कि आपने पीएम मोदी के बयान और सीएम योगी की वोट मांगने की अपील भी देखी है कि वे क्या कहते हैं। आपको यूपी को केरल और पश्चिम बंगाल नहीं बनने देना चाहिए। जयंत चौधरी ने कहा कि यदि आप केरल की साक्षरता दर और प्रति व्यक्ति जीडीपी को देखें, तो आप पाएंगे कि केरल हमसे आगे है। वे जमीनी मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं।
बता दें कि 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में सात चरणों में 10 फरवरी, 14, 20, 23, 27, 3 मार्च और 7 को मतदान होना है। मतों की गिनती 10 मार्च को होगी।