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एमबीबीएस के दो छात्र को दौड़ा दौड़ाकर पीटा

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मेडिकल के सामने एमबीबीएस के छात्रों को पीटा
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मेरठ। मेडिकल कॉलेज के सामने एमबीबीएस के दो छात्रों को पीट दिया गया। इसके बाद हंगामा हो गया। पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि कार से बाइक में मामूली टक्कर लगी थी। इसे लेकर विवाद हो गया। देर रात छात्र और डॉक्टर भी थाने पहुंच गए। हालांकि उन्होंने तहरीर नहीं दी।
लखनऊ निवासी सिद्धार्थ कुमार मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का द्वितीय सेमेस्टर का छात्र है। सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे सिद्धार्थ अपने सहपाठी के साथ बाइक पर मेडिकल कॉलेज के सामने जागृति विहार में राजस्थान स्वीट्स के पास खाना खाने के लिए जा रहा था। इसी दौरान एक कार वहां पहुंची। इसकी खिड़की खोलते समय बाइक गिर गई और दोनों छात्र सड़क पर गिर गए।
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इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि कार में छात्र नेता था, जोकि खुद को भाजपा नेता भी बता रहा था। उसने फोन करके कुछ साथियों को बुला लिया और एमबीबीएस के छात्रों की पिटाई कर दी। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंची। पुलिस ने तीन युवकों को पकड़ लिया। छात्रों का कहना है कि तीनों युवकों का मारपीट से कोई लेना देना नहीं है। बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
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हंगामे के बाद थाने में रही गहमागहमी
घटना के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए छात्रों ने हंगामा किया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी मेडिकल थाने में पहुंचे। वहीं, पुलिस का कहना कि छात्रों ने तहरीर देने से मना कर दिया। इसे लेकर थाने में घंटों तक गहमागहमी रही। इस मामले में पुलिस अपने स्तर से जांच की बात कह रही है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी पुलिस जुटाने की बात कह रही है।
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भाजपा नेता के दबाव में रही पुलिस
छात्रों के साथ मारपीट करने में एक भाजपा नेता भी शामिल था। यह नेता भी कार्यकर्ताओं के साथ थाने में पहुंच गया। उसने बताया कि मारपीट का आरोप गलत है। कार की खिड़की बाइक में लगी थी। इससे छात्र के गिरने से चोट लगी है। छात्रों ने ही उनके साथ बदसलूकी की। इस मामले की पुलिस जांच कर सकती है।
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पहले भी कई बार हुए विवाद
मेडिकल कॉलेज के सामने छात्रों का अक्सर विवाद होता रहता है। शाम के समय नशे में युवक आते हैं और इनमें कहासुनी और विवाद हो जाते हैं। कई बार मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों से मारपीट तक हो चुकी है। इसके बावजूद भी मेडिकल पुलिस शाम को वहां पर गश्त नहीं कराती।
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मेडिकल के एमबीबीएस के छात्रों को चोट लगने की जानकारी आई थी। उन्होंने थाने में कोई शिकायती पत्र नहीं दिया। पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। - विनीत भटनागर, एसपी सिटी
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