सोतीगंज के शातिर कबाड़ी हाजी गल्ला और उसके बेटों की रिमांड के लिए पुलिस को काफी जोर लगाना पड़ रहा है। बुधवार को न्यायालय में सुनवाई के दौरान लंबी बहस चली, लेकिन रिमांड पर निर्णय नहीं लिया जा सका। आज फिर से सुनवाई होनी थी। पुलिसकर्मी हाजी गल्ला को लेकर कचहरी में पेशी पर लेकर आए थे कि इसी दौरान हाजी गल्ला की तबीयत बिगड़ गई।
दरअसल, चोरी की गाड़ियां काटने वाले कबाड़ियों के खिलाफ एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने हाल ही में अभियान चलाया था। काफी कबाड़ियों पर गैंगेस्टर भी लगी। इनमें हाजी नईम उर्फ गल्ला, उसके बेटे फुरकान, अलीम, बिलाल और इलाल भी शामिल रहे। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन हाथ नहीं आए। कुर्की नोटिस चस्पा किया। ईनाम की घोषणा भी की गई।
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इसी बीच गल्ला ने चारों बेटों के साथ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया और पुलिस हाथ मलती रह गई। पुलिस ने पांचों को रिमांड पर लेने के लिए गैंगेस्टर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। बुधवार को इस पर सुनवाई हुई। विवेचक का कहना था कि हाजी गल्ला ने 161 के बयान के वक्त घटना का समर्थन किया था। उसी से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए रिमांड जरूरी है। काफी देर की बहस के बाद न्यायालय ने सुनवाई के लिए गुरुवार का समय दिया।
गुरुवार दोपहर फिर से सुनवाई होनी थी पेशी पर लाने के दौरान ही हाजी गल्ला की तबीयत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।