जेल में बंदियों के बदलाव की मुहिम का हिस्सा बनी शिक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा को हथियार बनाया जा रहा है।
कारागार में करीब 2500 बंदी हैं। इनमें विचाराधीन बंदियों के अलावा सजायाफ्ता कैदी, महिला बंदी भी शामिल हैं। इन दिनों यहां शिक्षा के जरिये अपराधियों को अपराध से दूर कर देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यहां के बंदी हर साल बोर्ड परीक्षा में भी शामिल होते हैं। इग्नू द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम मानवाधिकार में प्रमाण पत्र, पर्यावरण अध्ययन, पोषण व शिशु देखभाल, ग्राम विकास, सूचना प्रौद्योगिकी में प्रमाणपत्र, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र व हिंदी में स्नातकोत्तर कर रहे हैं।
उन्नत कृषि के गुर भी सीख रहे
जेल में ग्रामीण क्षेत्रों के बंदियों की संख्या काफी अधिक है। जेल प्रशासन इन बंदियों को उन्नत कृषि के गुर सिखाता है। 12.5 एकड़ कृषि भूमि पर यहां के बंदी उन्नत किस्म के गेहूं के बीज तैयार कर रहे हैं। इसमें कृषि विभाग, बीज विकास निगम व जेल प्रशासन विशेष भूमिका निभा रहा है। इसी की बदौलत 2019 में जिला कारागार ने प्रदेश स्तर पर रिकॉर्ड कायम करने में कामयाबी हासिल की। इसके अलावा खेल का सामान बनाने, मोटर बाइंडिंग, सिलाई-कढ़ाई और बागवानी का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
2020 में शैक्षिक कार्यक्रम और प्रशिक्षण की स्थिति
कार्यक्रम अवधि बंदी
मोटर वाइंडिंग 6 माह 99
ब्यूटीशियन 6 माह 28 महिला
हैंडबैग मेकिंग 6 माह 53 महिला
कंप्यूटर कोर्स 45 दिन 315
सूचना प्रौद्योगिकी 6 माह 82
गेहूं बीज उत्पादन ---------- 150 बंदी
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सीएफएन (भोजन एवं पोषण में प्रमाण पत्र) --- 645
सीएचआर (मानवाधिकार में प्रमाण पत्र)--- 157
सीएनसीसी (पोषण एवं शिशु देखभाल में प्रमाण पत्र) --- 61
बीए--- 48
बीकॉम--- 17
एमएचडी/एमए (हिंदी में स्नातकोत्तर उपाधि) --- 07
एमपीए/एमए (लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि)--- 05
सीईएस (पर्यावरण अध्ययन में प्रमाणा पत्र)--- 62
सीआईटी (सूचना प्रौद्योगिकी में प्रमाण पत्र)-- 64
बंदियों का ह्रदय परिवर्तन जरूरी
बंदियों का हृदय परिवर्तन बेहद जरूरी है। इसको ध्यान में रखते हुए शैक्षिक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। बेहतर भविष्य के लिए बंदियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम का ज्ञान भी दिलाया जा रहा है। - डॉ. बीडी पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक