वहीं, सितंबर 2023 में गाजियाबाद के स्टांप पर मेरठ ट्रेजरी की फर्जी मुहर और गलत सीरियल नंबर जारी करने का मामला सामने आया था। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद स्टांप आयुक्त ने पांच हजार से ऊपर के स्टांप में फर्जीवाड़ा किए जाने का हवाला देकर पिछले तीन साल की रजिस्ट्री की पड़ताल के निर्देश दिए थे।
जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देशानुसार, सहायक आयुक्त स्टांप ज्ञानेंद्र कुमार ने छह रजिस्ट्रार से जांच रिपोर्ट मांगी थी। एक साल की रजिस्ट्री की जांच में 100 से अधिक स्टांप फर्जी मिले हैं। ज्यादातर मामले 25 हजार के स्टांप में के हैं। अभी पिछले दो और सालों की रजिस्ट्री की जांच जारी है। ऐसे में करोड़ों रुपये के राजस्व के नुकसान का अनुमान है।
मेरठ में छह जगह होती है रजिस्ट्री
कचहरी के मुख्यद्वार और विकास प्राधिकरण की प्रथम तल पर दो-दो रजिस्ट्री कार्यालय हैं। सरधना और मवाना तहसील में एक-एक रजिस्ट्री कार्यालय है। जनपद में कुल छह रजिस्ट्री कार्यालय है, जहां पर रजिस्ट्रार बैठते हैं। कचहरी के मुख्यद्वार पर सहायक आयुक्त स्टांप का कार्यालय है।
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