अब ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आय, जाति, मूलनिवास, जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र, राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने के लिए शहर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारत सरकार ने सहकारिता विभाग को सीधे जनता से जोड़ने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर खोलने की शुरुआत कर दी है। सहकारी समितियों पर सभी प्रमाणपत्र बनाए जाएंगे। साथ ही किसानों को खाद और बीज भी मिलेगा। जिले की 84 सहकारी समितियों पर ये सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
मेरठ जिले में 84 सहकारी समिति हैं। सहकारिता विभाग ने 30 सहकारी समितियों को आईडी जारी कर दी है। अब सभी सहकारी समितियों में सेंटर खोलने की होड़ लगी है। 22 सहकारी समितियों ने कार्य भी शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि अगस्त में सभी सहकारी समितियों पर सेंटर संचालित हो जाएंगे। सेंटर संचालन के लिए वाईफाई, इंटरनेट, कंप्यूटर, प्रिंटर आदि की सुविधाएं दी जा रही हैं।