किसानों का कहना है कि हमारे खेतों में एलाइनमेंट के निशान लगाए गए, लेकिन मुआवजा बराबर वाले खेतों में दे दिया गया। इससे गुस्साए आसपास के किसानों ने आउटर रिंग रोड के कार्य को रोक दिया है। टाटा कंपनी के प्रतिनिधि बिना कार्य किए लौट गए।
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हाजीपुर और जलालपुर के खसरे में गड़बड़ी
लेखपाल यासीन अली का कहना है कि एनएचएआई ने थ्री-डी से एलाइनमेंट तैयार किया है। एक बार में 25 किमी क्षेत्र का सर्वे किया जाता है। इसमें थ्री-डी में अलग एलाइनमेंट है और खेतों में निशान अलग लगाए गए हैं। हो सकता है कि जिस कंपनी ने खेतों में निशान लगाए, वो निशान गलत लगा दिए हों। ये भी जांच का विषय है। उन्होंने बताया कि हाजीपुर के लगभग 25 और जलालपुर के लगभग एक-दो खसरे में ये दिक्कत आ रही है।
तीन वर्षों तक क्यों लगा रखे थे निशान
किसानों का कहना है कि जब हमारे खेत में से एलाइनमेंट नहीं निकाला जाना था, तो तीन बार सर्वे कर दो बार निशान क्यों लगाए गए। प्रशासन को इसकी जांच करानी चाहिए। इसमें एक किमी के क्षेत्र में एलाइनमेंट को बदलकर मुआवजा बांट दिया गया है। जिस स्थान से अब एलाइनमेंट निकाले जाने की बात कही जा रही है, वहां आगे जाकर तालाब आ रहा है। किसान रियाजुद्दीन, नसीरुद्दीन, मुश्ताक, मौहम्मद उमर, चांद, शहजाद, अरस, सिब्बन, आजाद, योरोप, शहजाद, शाहरुख आदि विरोध जताने वालों में शामिल रहे।