मानक सही है या नहीं
बुखार, खांसी, जुकाम, स्किन, कफ सीरप, पेट दर्द और एंटीबायोटिक आदि दवाओं में यह जांच की जाती है कि दवा के बारे में रैपर पर जो लिखा है, वह मानकों के अनुरूप है या नहीं। फिर दवा में संबंधित साल्ट की मात्रा ज्यादा या कम तो नहीं है।
मसलन, बुखार में इस्तेमाल की जाने वाली दवा में पैरासिटामॉल की मात्रा 500 एमजी लिखी है, वास्तव में मात्रा कम या ज्यादा तो नहीं है आदि। इसके अलावा यह भी जांचा जाता है कि ऐसा तो नहीं है कि जिस कंपनी की दवा है उसके पास इस दवा बनाने का लाइसेंस है या नहीं।
लखनऊ की लैब पर है दबाव
मेरठ की लैब अभी शुरू नहीं हो पाई है। वेस्ट यूपी से जाने वाले दवाओं के सैंपलों की जांच लखनऊ की प्रयोगशाला में होती है। सैंपलों के दबाव के कारण रिपोर्ट आने में देरी होती है। यही वजह है कि करीब 100 दवाओं के सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। -पवन शाक्य, ड्रग इंस्पेक्टर