कब तक लुटता रहेगा सरकारी खजाना
महानगर में मल्टीलेवल वाहन पार्किंग शहर की जरूरत है। इसको राज्य स्मार्ट सिटी की योजना में भी प्राथमिकता पर लिया गया है। नगर निगम प्रशासन पांच साल से मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के लिए जगह जगह स्थानों का चयन कर रहा है। इतना ही नहीं पार्किंग की डीपीआर पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च चुका है, लेकिन वाहन पार्किंग धरातल पर नहीं उतर रही है।
चार साल पहले टाउन हॉल परिसर के गांधी पार्क में अंडर ग्राउंड वाहन पार्किंग बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। तत्कालीन नगरायुक्त अरविंद चौरसिया ने नगर निगम मुख्यालय परिसर में भूमिगत वहन पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया था।
नगरायुक्त का स्थानांतरण होते ही प्रोजेक्ट ठप हो गया। अब छह माह पहले ही नगरायुक्त मनीष बंसल ने टाउन हॉल परिसर के अगले हिस्से पर मल्टीलेवल वाहन पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। वहीं कार्यकारिणी सदस्यों ने निगम मुख्यालय परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का सुझाव रखा है।
डीजल चोरी का उठा मुद्दा
कार्यकारिणी सदस्य अनुज वशिष्ठ ने सदन में निगम की गाड़ियों से डीजल चोरी किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि निगम में भ्रष्टाचार हो रहा है। डीजल चोरी की जा रही है और निगम अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। सदस्य ने बैठक के दौरान डीजल चोरी से संबंधित वाहनों के फोटो भी सार्वजनिक किए। नगरायुक्त ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
नहीं पहुंचे कई जिम्मेदार अधिकारी
कार्यकारिणी की बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी, चीफ इंजीनियर सहित कई जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी न होने के चलते बैठक को स्थगित करना पड़ा। क्योंकि कार्यकारिणी सदस्यों के सवालों का जवाब देने वाला कोई नहीं था। - सुनीता वर्मा, महापौर