गांव चौपाल में जाएं अधिकारी, हर थाने में लगे सीसीटीवी
मेरठ। कमिश्नर सुरेंद्र सिंह और आईजी प्रवीण कुमार ने बुधवार को मंडल के डीएम-एसएसपी के साथ कानून व्यवस्था की ऑनलाइन समीक्षा की। कमिश्नर ने विधानसभा चुनाव के लिए विभिन्न पोलिंग स्टेशन से संबंधित पूर्व निर्वाचनों के दौरान पाई गई गलतियां सुधारने को कहा। कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जनपदीय कम्युनिकेशन प्लान को एक सप्ताह में अपडेट करने को कहा गया।
आईजी प्रवीण कुमार ने इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से कम्युनिकेशन प्लान में दर्ज मोबाइल नंबरों का सत्यापन कर हर थाने में सीसीटीवी लगवाने के निर्देश दिए। जहां पर पहले से लगे हैं, उनकी जांच करने को कहा गया है। कमिश्नर ने अधिकारियाें को ग्राम एवं मोहल्ला चौपाल करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही आंदोलन संबंधी गतिविधियों के चलते किसान संगठनों से निरंतर संवाद रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। जातीय संघर्षों एवं चुनावी रंजिश के मामलों को चिह्नित कर उनका समाधान करने को कहा गया। आईजी ने कहा कि किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध पशु कटान की शिकायत मिली तो थानेदार पर कार्रवाई होगी।
समारोह में प्रतिबंधित प्लास्टिक के प्रयोग पर मंडप संचालक होंगे जिम्मेदार
मेरठ। उत्तर प्रदेश शासन के 37 महत्वपूर्ण विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुधवार को कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। कमिश्नर ने जल संरक्षण अभियान के तहत कार्य को प्रभावी ढंग से करने के लिए कहा।
उन्होंने अधिकारियों से सभी स्कूलों का निरीक्षण कर वहां शिक्षण व्यवस्था देखने के निर्देश दिए। जिलों में तालाब और चेकडैम से वर्षा जल संचित करने, गोवंश और गोशाला के संरक्षण, सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के बारे में कहा। इसके साथ ही चेतावनी दी कि विवाह समारोह सहित अन्य कार्यक्रमों में प्रतिबंधित प्लास्टिक-ग्लास का प्रयोग करने पर मंडल संचालक जिम्मेदार होंगे।
सीएचसी-पीएचसी में रुकें चिकित्सक
कमिश्नर ने यह भी कहा कि सीएचसी और पीएचसी पर चिकित्सकों के आवास रहने लायक बना बनाए जाएं, जिससे वे वहां रुक सकें। बेहतर व्यवस्था के बावजूद न रुकने वालों पर कार्रवाई की जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को 15 दिन में इसकी रुपरेखा बनाने को कहा। उन्होंने एनएचएआई-डीएफसीसी प्रोजेक्ट्स के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त मार्गों को दुरुस्त करने और खोदी गई सड़कों को बनवाने के लिए कहा।
फर्जी मजदूर बनने की मिल रही शिकायतें
कमिश्नर ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा संचालित योजना के तहत मजदूर कार्ड के आवेदनों में अपात्र व्यक्तियों द्वारा फार्म भरने की काफी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने अभियान चलाकर आवेदकों की जांच कराने एवं फर्जी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।