उन्होंने कहा कि मदरसों को लेकर भडक़ाऊ बयान देने वाले मौलाओं के खिलाफ अब उनकी ही बिरादरी खड़ी हो गई है। क्योंकि सच्चर कमेटी कि रिपोर्ट कहती है कि सबसे ज्यादा गरीब मुसलमानों में है और उनको गरीब बनाने वाले भी उनके ही लोग है। उनके ही लोगों ने हाथी व साईकिल की सरकार बनवाई और इन सरकारों ने गरीब बढ़ाए। अब इनको राशन देकर सरकार को खिलाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से अयोध्या में मस्जिद हटाकर राम मंदिर बन रहा है। इस तरह ही देशभर में मंदिरों के पास से मस्जिदों को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञानवापी मामले में कहा कि इसमें मदद करने वाला हर कोई बधाई का पात्र है, क्योंकि यह केवल भारतीय संस्कृति को बचाए रखने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भगवान राम ने निषाद राज को गले लगाया था और रावण राज खत्म हो गया था।
इस तरह ही संजय निषाद को मोदी व योगी ने गले लगाया है और यहां कांग्रेस, बसपा, सपा का राज खत्म हो गया है। लोगों ने इनके बटन दबाने ही बंद कर दिए है।