कोर्ट में पेश होने के बाद बाहर आते मंत्री कपिल देव,विधायक उमेश मलिक,जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला,पूर्व
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छह घंटे न्यायिक हिरासत में रहे मंत्री कपिलदेव और विधायक उमेश मलिक
मुजफ्फरनगर। पुराने मुकदमों में गैर जमानती वारंट जारी होने पर विशेष कोर्ट एमपी एमएलए में पेश हुए राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक बुढ़ाना उमेश मलिक सहित नौ भाजपा नेताओं को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में ले लिया गया। बाद में इनके अधिवक्ताओं ने वारंट रिकॉल कराए। छह घंटे तक न्यायिक हिरासत में रखने के बाद कोर्ट ने शाम पांच बजे इन्हें 25-25 हजार रुपये की जमानत पर रिहा किया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए आठ सितंबर की तारीख लगाई है।
शहर विधायक एवं प्रदेश के कौशल विकास राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के खिलाफ वर्ष 2016 के शहर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में रोड शो निकालने पर नई मंडी और शहर कोतवाली में आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मुकदमे दर्ज हुए थे। वर्ष 2012 में रेल रोको आंदोलन के दौरान रेल रोकने पर विधायक उमेश मलिक, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार, वैभव त्यागी, सुनील तायल, श्रीमोहन तायल भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष नितिश मलिक आदि के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। ये मुकदमे अब विशेष कोर्ट (सांसद- विधायक) में चल रहे हैं। अदालत में पेश नहीं होने के कारण इनमें सभी नामजद आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी हुए थे, सुनवाई के लिए कोर्ट में बृहस्पतिवार की तारीख लगी थी। पूर्वाह्न करीब 11.00 बजे मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, विधायक उमेश मलिक सहित अन्य भाजपा नेताओं ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश दिया। इसके बाद उनके अधिवक्ताओं ने प्रार्थनापत्र देकर वारंट रिकॉल कराए। इसके बाद जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिए। जिस पर कोर्ट ने उक्त सभी को दो-दो जमानती और 25-25 हजार की जमानत धनराशि पर जमानत दी। जमानत मिलने पर सभी छह घंटे बाद शाम पांच बजे रिहा होकर कोर्ट से बाहर आए।