उन्होंने कहा कि अडानी ग्रुप में पानीपत में बड़े गोदाम बनाए हुए हैं जिनके इशारे पर सरकार किसानों को उनका अधिकार है नहीं दे रही है। उन्होंने किसान आंदोलन के समय लाल किले पर एक सिख युवक द्वारा लगाए गए झंडे को लेकर भी अपने विचार रखे और कहा कि लाल किले पर केवल प्रधानमंत्री और किसान व सिख को ही झंडा लगाने का अधिकार है।
बिना प्रधानमंत्री रहते नरेंद्र मोदी को भी लाल किले पर जाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि लाल किले के गेट पर गुरु तेग बहादुर सिंह का सर कलम हुआ था इसीलिए सिख युवक ने लाल किले पर झंडा लगाकर कोई गलत काम नहीं किया। इसके बावजूद भी उस सिख युवक को देशद्रोही जैसी संज्ञा दी गई जो बेहद ही गलत है। उन्होंने कहा कि सिख वह कौम है जो किसी भी घटना को 300 साल तक भी नहीं भूलती है।
प्रधानमंत्री में दिख रहे बदलाव
राज्यपाल ने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी बदलाव देखने को मिल रहा है अब वह गुरुद्वारों में भी कीर्तन में भाग ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने जम्मू कश्मीर का राज्यपाल रहते हुए कई बड़े भ्रष्टाचार के मामले उठाए जिन पर जांच चल रही है और कई बड़े लोग जेल जाएंगे।
उन्होंने दहेज देने वाले और बेटियों को ने पढ़ने वालों को नसीहत देते हुए कहा कि वह अपने में बदलाव लाने का काम करें। उन्होंने कहा कि अपने रहने के लिए बड़े-बड़े मकान बनाने की वजह एक कमरे का मकान बनाएं और बच्चों को अच्छी शिक्षा लेने के लिए विदेश भेजें। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में क्वालिटि एजुकेशन अच्छी नहीं है। बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में खूब झंडे गाड़ रही है।
उन्होंने जम्मू कश्मीर से हटाई गई अनुच्छेद 370 का भी जिक्र किया और कहा कि मैंने श्रीनगर ही नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर में घूम-घूम कर जनता को इसके लिए तैयार कर लिया था। जब यह अनुच्छेद हटाया गया तो पूरे जम्मू कश्मीर में कहीं पर भी कोई हो हल्ला नहीं हुआ, जबकि उससे पहले महबूबा और फारूक अब्दुल्ला खून की नदियां बहाने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल में श्रीनगर में कोई आतंकी घटना तक नहीं हुई।
मैं शर्मिंदा हूं कि मेरठ को बेंच नहीं मिला पाया
राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना होनी चाहिए। बेंच बहुत बार मेरठ के लिए आए लेकिन बीच में ही रुक गए। रिटायर होने के बाद में हाई कोर्ट बेंच की लड़ाई लड़ूंगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मैं प्रारंभ से ही हाई कोर्ट बेंच की लड़ाई में शामिल रहा हूं। मेरठ कॉलेज मैं पढ़ाई के दौरान से ही प्रत्येक आंदोलन में सभी के साथ खड़ा रहा और जनता मेरे साथ खड़ी रही। मैं जो भी बना हूं मेरठ कॉलेज की चारदीवारी से बना हूं। उन्होंने कहा कि मेरठ क्षेत्र की जनता को हाईकोर्ट बेंच की बेहद जरूरत है।