2020 में हुई थी नेशनल म्यूजियम और दर्शनीय स्थल की घोषणा
हस्तिनापुर की महत्ता को देखते हुए सरकार ने एक फरवरी 2020 को केंद्र के बजट में यहां नेशनल म्यूजियम बनाने की भी घोषणा की थी। हस्तिनापुर को देश के दर्शनीय स्थलों की सूची में शामिल किया गया था। हालांकि अभी इसके लिए कोई बजट जारी नहीं हुआ है। पुरातत्व विभाग अपने वार्षिक बजट से ही यहां पांडव टीले और उल्टा खेड़ा टीले की खुदाई कर रहा है। सरकार से बजट जारी होने के बाद यहां पर्यटकों के लिए काम कराए जाएंगे।
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पर्यटन विभाग के वीडियो में सिर्फ जंबूद्वीप
प्रदेश के पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर दो मिनट चार सेकंड का एक वीडियो अपलोड हुआ है जिसमें प्राचीन स्थलों को दर्शाया गया है। इस वीडियो में जैन धर्म के पावन तीर्थ जंबूद्वीप और अष्टापद के कई फोटो नजर आ रहे हैं। हालांकि इसमें महाभारत से जुड़ी धरोहर शामिल नहीं हैं। हस्तिनापुर में प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर, कर्ण मंदिर, प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर, द्रौपदी घाट मंदिर, प्राचीन द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर, राजा रघुनाथ महल, अमृत कूप आदि कई प्राचीन स्थल आज भी मौजूद हैं। इन्हें देखने के लिए देश के कोने-कोने से सैकड़ों सैलानी हर रोज पहुंचते हैं।