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UP: 10वीं फेल फर्जी कर्नल कैसे आया हाथ, पूनम के ज्वाइनिंग लेटर ने खोला था राज, चौंका देगा करोड़ों की ठगी का सच

Tue, 12 Sep 2023 07:10 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut News : पूनम के ज्वाइनिंग लेटर से फर्जी कर्नल फंस गया और फिर उसे STF की टीम ने दबोच लिया। वहीं, गिरफ्तारी के बाद करोड़ों रुपये की ठगी के राज खुलकर सब के सामने आ गए। 
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आरोपी सत्यपाल सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेना की वर्दी पहनकर ठगी करने वाला फर्जी कर्नल न जाने अभी कितने और युवाओं को अपना शिकार बनाता। एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया तो उसका पूरा सच सब के सामने आ गया। आइए बताते हैं कि आखिर कैसे आरोपी एसटीएफ के हत्थे चढ़ा।

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ऐसे पकड़ा गया आरोपी
एसपी बृजेश सिंह ने बताया कि आरोपी सत्यपाल सिंह यादव ने दो साल पहले बुलंदशहर के सुनील यादव व उसकी बहन पूनम कुमारी को भारतीय सेना में एलडीसी क्लर्क के पद पर भर्ती कराने के नाम पर 16 लाख रुपये लिए थे। मई माह में सुनील व उसकी बहन पूनम के नाम से ज्वाइनिंग लेटर उनके पैतृक निवास ग्राम इस्माइलपुर तहसील सिकंदराबाद जनपद बुलंदशहर को स्पीड पोस्ट किया।

इसके बाद पूनम व सुनील सात मई को रिक्रूटमेंट ऑफिस हेड क्वार्टर 236 एमजी रोड लखनऊ कैंट पहुंचे तो उनको जानकारी हुई कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। सुनील ने फोन करके सत्यपाल को बताया कि उसने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिया है तो वह कहने लगा कि तुम मुझे बिना बताए कैसे ज्वानिंग करने चले गए। सुनील ने अपने रुपये वापस मांगे तो वह इंकार करने लगा। इसके बाद उन्होंने एसटीएफ मेरठ फील्ड यूनिट से उसकी शिकायत की।

आरोपी के पास से क्या हुआ बरामद
एसटीएफ मेरठ फील्ड यूनिट ने मिलिट्री इंटेलीजेंस के इनपुट पर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी सत्यपाल सिंह यादव सेना में चालक पद से रिटायर्ड है। वह कर्नल डीएस चौहान के नाम की प्लेट लगाकर युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी के पास से पांच ज्वाइनिंग लेटर, पांच स्टांप, एक प्रिंटर, एक कर्नल की वर्दी और एक फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ है। वह कई राज्यों के युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। आरोपी के खिलाफ गंगानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

एसटीएफ के एसपी बृजेश सिंह ने बताया कि गंगानगर के कसेरूबक्सर का रहने वाला सत्यपाल सिंह यादव पुत्र करण सिंह सेना में चालक पद से रिटायर हुआ था। वह पुणे में तैनात कर्नल डीएस चौहान की गाड़ी चलाता था। रिटायर होने के बाद सत्यपाल सिंह ने कर्नल डीएस चौहान के नाम की प्लेट बनवाई। कर्नल की वर्दी पहनकर एक फर्जी फोटो आईडी भी तैयार कर ली। इसके बाद उसने सेना में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं का ठगना शुरू कर दिया। खुद का नाम कर्नल डीएस चौहान बताकर अपनी पोस्टिंग पुणे में बताता था। इतना ही नहीं आरोपी ने बहुत से युवाओं से मोटी रकम लेकर उनको फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिए।

बताया गया कि पिछले सात साल में उसने बहुत से युवाओं से ठगी करके करोड़ों रुपये की रकम हड़प कर ली। शिकायत पर एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलीजेंस सत्यपाल सिंह के पीछे लगी थी। वहीं, साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। सत्यपाल सिंह के घर से कई बैंकों की चेकबुक मिली हैं। कर्नल डीएस चौहान नाम का फर्जी परिचय पत्र भी बरामद हुआ है। आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है।

आरोपी ने बताया कि इन वर्षों में उसने यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों के सैकड़ों युवाओं के साथ ठगी। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सत्यपाल का बेटा रजत उर्फ देवेंद्र अपने लैपटॉप पर टाइप करके फर्जी ज्वानिंग लेटर का प्रिंट निकालता था, फिर उन लेटर को लेटर विभिन्न जगहों से स्पीड पोस्ट करता था।

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2003 में हुआ था रिटायर, 10वीं फेल है आरोपी
एसपी के मुताबिक, सत्यपाल भारतीय सेना में वर्ष 1985 में भर्ती हुआ था। 2003 में नायक एम्टी ड्राइवर के पद से रिटायर हुआ था। वो 10वीं फेल है। उसकी पोस्टिंग मेरठ, लखनऊ सेंटर, सिक्किम, अमृतसर, श्रीनगर में रही है। रिटायर होने के तीन साल बाद उसको पैरालिसिस हो गया था। इससे पहले भी आरोपी के खिलाफ इंचौली थाने में 2019 में आईपीसी की धारा 420, 406, 506 में मुकदमा दर्ज हुआ था।

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