वहीं महापौर, नगरायुक्त सहित सभी अधिकारी व पार्षदों के पसीने छूट गए। थाना देहली गेट इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंच गए। सभी पार्षदों ने समझा बुझाकर साथी पार्षद को शांत किया। उधर, महापौर के निर्देश पर आनन- फानन में राष्ट्रगान शुरू कर बैठक का समापन हुआ।
पार्षद पवन चौधरी का कहना है कि पार्षद बनने के बाद जनता और निगम अधिकारी बहुत बेइज्जती कर चुके हैं। अधिकारी सुनते नहीं, जनता गालियां देती हैं। ऐसी जिंदगी से तो मर जाना ही बेहतर है। पार्षद ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। पार्षदों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अब इज्जत बचाने के लिए हमने आत्मदाह की राह पकड़ी। अभी भी चुप बैठने वाला नहीं हूं। जनता की समस्याओं के लिए मैं भूख हड़ताल करूंगा। जनता के लिए जेल भी जाना पड़ा तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।
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