उन्होंने कहा कि कृषि कानून को वापस कराने के लिए आंदोलन को 11 महीने से ऊपर हो गए और किसान अपना घर-बार छोड़ सड़कों पर रहने को मजबूर है लेकिन सरकार मैं अपने कान बंद कर रखे हैं, उसके कान अभी खुले नहीं है।
उन्होंने सरकार को उद्योगपतियों की सरकार बताते हुए कहा कि इस सरकार में किसान मजदूर और आम व्यापारी सभी लोग परेशान है, कोई सुनवाई नहीं है कोई सड़क पर धरना दे या कहीं पर धरना दे सरकार अपनी मनमानी करती है।
रविवार को चौधरी राकेश टिकैत टोल प्लाजा के पास स्थित आर्यव्रत अस्पताल में भर्ती भारतीय किसान यूनियन के एक पदाधिकारी को देखने आए हुए थे इस दौरान उन्होंने टोल प्लाजा पर किसानों के बीच लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए नमन किया।
इसके बाद वह बराला गांव में भाकियू के कार्यकर्ता लव के दादा की मौत के बाद सांत्वना देने पहुंचे थे इसके अलावा दशरथपुर गांव में हादसे में मृत युवक के परिजनों से मिलने भी उनके आवास पर पहुंचे और सांत्वना दिया।