एक हाथ में तिरंगा, दूसरे में माइक और अपने साथ आठ वर्षीय बच्चा लिए एक शख्स अचानक पानी की टंकी पर चढ़ गया। फिर आवाज लगाने लगा-सुनो, सुनो, सुनो... अब तो सुनो। न पानी है, न बिजली है न सड़क और न सुविधाएं तो कहां जाएं। कुछ ही देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और उसकी ओर देखने लगी। सोमवार सुबह सात बजे यह नजारा था वार्ड 81 के खुशहालनगर का। टंकी पर चढ़ने वाला व्यक्ति जियाउलहक सपा कार्यकर्ता था। जनसमस्याएं दूर न करने का आरोप लगाते हुए वह निगम और प्रशासन के अफसरों के खिलाफ हंगामा करता रहा। फिल्मी अंदाज में दोपहर 11:45 बजे तक यह फिल्मी ड्रामा चलता रहा। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट अमित भट्ट और सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया के आश्वासन पर उसे उतारा गया।
टंकी पर चढ़ने के बाद जियाउलहक ने तिरंगा टंकी के ऊपर बांध दिया और हाथ में माइक लेकर जनसमस्याएं गिनानी शुरू कर दी। उसने क्षेत्र में स्कूल, डाक, बैंक सहित अन्य जरूरी सेवाओं की मांग की। अपनी मांगों को लेकर कुछ पर्चे भी फेंके। चेतावनी दी कि समस्याएं दूर होंगी तो ही टंकी से उतरेगा। हंगामे की सूचना पर लिसाड़ीगेट पुलिस पहुंची। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कोतवाली ने पहुंचकर टंकी से उतरने का अनुरोध किया। जियाउलहक ने जलापूर्ति पर सवाल किए तो नगर निगम जलकल विभाग के जेई पंकज कुमार खुशहाल नगर पहुंचे। उन्होंने पार्षद शहजाद और स्थानीय लोगों को साथ लेकर गलियों में जलापूर्ति की जांच की। दावा किया कि आपूर्ति सही मिली है। सड़क बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह हंगामा सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: भयावह हादसे की तस्वीरें: मातम में बदलीं बर्थडे की खुशियां, बेटे का शव देख बेहोश हुई मां, डॉक्टर बनने का सपना चकनाचूर