शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी
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मेरठ में शुक्रवार को रमजान के तीसरे जुमे को शाही जामा मस्जिद सहित शहर की मुख्य मस्जिदों में जुमे की नमाज सादगी से अदा की गई। हालांकि नमाजियों द्वारा काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने की चर्चा से पुलिस व जिला प्रशासन अलर्ट रहा। लेकिन लोगों ने काली पट्टी नहीं बांधी, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जुमे की नमाज से पहले शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने तकरीर में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने शोभायात्रा सहित सभी धर्म के जुलूसों को अनुमति से निकालने का अच्छा आदेश दिया है। उन्होंने कहा देश में माहौल चिंताजनक था, तरह-तरह की खबरों से मुस्लिम बैचेन था। कहा कि इसी बीच देवबंद दारुल उलूम मोहतमिम अबुल कासिम नोमानी की रहनुमाई ने लोगों का हौसला जरूर बढ़ाया। उसके बाद प्रदेश सरकार के अनुमति वाले निर्देश से राहत मिली है।
उन्होंने नमाज में आए लोगों से देश के बिगड़ते माहौल में सब्र और एहतियात बरतने की अपील की है। कहा भाईचारा ही इस्लाम की पहचान है, दूसरे को तकलीफ देकर हमारी नमाजें भी अधूरी रहतीं हैं। अगर नमाज दुरुस्त करनी है तो दूसरों के दिलों को दुखाना नहीं चाहिए।
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ईद की नमाज 7:45 बजे होगी
शहरकाजी ने कहा कि 29 अप्रैल को अलविदा जुमे के 3-4 दिन बाद ईद उल फितर का त्योहार है। जिसके लिए कमेटी के सदस्यों से बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि ईद की नमाज सुबह 7:45 बजे होगी। हर बार की तरह ईद का त्योहार सादगी, मोहब्बत और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा।
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