अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रभारी मंत्री ब्लॉक स्तर तक जाकर व्यवस्थाएं परखेंगे। इसी क्रम में साढ़े चार साल में पहली बार प्रदेश के ऊर्जा और जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने रजपुरा और खरखौदा ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। वहीं, मंत्री के सामने ही बिजली आपूर्ति की पोल खुल गई। खरखौदा ब्लॉक में मंत्री की विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान वहां जेनरेटर चलता रहा। इस बारे में उनके पूछने पर करीब 15 मिनट बाद बिजली आई, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताई।
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समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि सभी कार्य तेजी और नियमानुसार पूरे कराए जाएं। उन्होंने जिलाधिकारी के. बालाजी को खरखौदा सीएचसी का ऑडिट करने के लिए कहा, ताकि पता चल सके कितना धन आया और कितना खर्च हुआ।
सीएचसी के मोड़ पर नाली व खडंजा टूटा व आधा-अधूरा मिलने पर टेंडर नियम और शर्तो के आधार पर जांच कराकर ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। खरखौदा में दस पंचायत सचिवों में से पांच के अनुपस्थित होने पर स्पष्टीकरण तलब करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार कमीशन के लिए घूमती थी। यह सरकार गरीब व ग्राम की समृद्धि के लिए घूमती है।
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डिजिटल कार्ड दिए जाएंगे
बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि कि नेताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को जल्द ही डिजिटल कार्ड दिया जाएगा। इसमें उनकी आंखों का रंग, ब्लड ग्रुप और कुल संपत्ति आदि का विवरण दर्ज होगा।
55 हजार रुपये तनख्वाह मिलती है, सेवा करिए
रजपुरा ब्लॉक में निरीक्षण के दौरान उन्होंने पंचायत सचिव से पूछा कि आपको तनख्वाह कितनी मिलती है। पंचायत सचिव ने बताया कि 55 हजार रुपये मिलते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि आप लोगों की सेवा करिए। मंत्री को बताया गया कि ब्लॉक में 45 पंचायतें और 12 पंचायत सचिव हैं। उन्होंने पंचायत सचिवों से कहा कि आप पूरे सिस्टम की रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने ब्लॉक परिसर में नीम का पेड़ भी रोपित किया।
मंत्री ने दिए पांच ऑक्सीजन कंसट्रेटर
प्रभारी मंत्री ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगला बट्टू (सूरजकुंड), जयभीम नगर, तहसील (बुढ़ाना गेट), राजेंद्र नगर व ब्रहमपुरी के चिकित्सा अधीक्षक (एमओआईसी) को पांच ऑक्सीजन कंसट्रेटर दिए। वहीं, उन्होंने पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी के गोद लिए पीएचसी नंगला बट्टू के निरीक्षण के दौरान पौधा रोपित किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक किठौर सत्यवीर त्यागी, पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, जिलाध्यक्ष अनुज राठी, पीवीवीएनएल एक एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और सीडीओ शशांक चौधरी आदि मौजूद रहे।
शहर में नहीं की गई लंबी कटौती
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के दौरे के दौरान शनिवार को बिजली की आंख मिचौली कम रही। शुक्रवार को जहां बिजली कटौती से शहर से लेकर गांव तक त्राहिमाम मचा हुआ था। इसके उलट शनिवार एक-दो जगह के अलावा लंबी बिजली कटौती की सूचना नहीं मिली।
अधिकारियों से लेकर लाइन स्टाफ को अलर्ट रखा गया। फाल्ट भी बहुत कम हुए और शिकायतों के निस्तारण के लिए तय समय से पहले शटडाउन नहीं लिए गए। रोजाना पांच से छह घंटे की कटौती न होने से शहरवासियों ने राहत की सांस ली। इससे सवाल उठता है कि जब मंत्री के दौरे में बिजली कट नहीं होता तो बाकी दिनों में आपूर्ति क्यों बाधित होती है।
शनिवार को शर्मा के आगमन की सूचना मिलते ही पूरा महकमा बिजली ढांचे को दुरुस्त करने में जुट गया था। पीवीवीएनएल के एमडी बिजलीघरों पर औचक निरीक्षण कर व्यवस्था सुधारने में लगे थे। सभी अधिकारियों को रात दस बजे के बाद बिजलीघरों का निरीक्षण करने के लिए कहा गया था। ट्रांसफार्मरों की भी साइट पर ही लोड चेक किया जा रहा था।
इमरजेंसी शटडाउन नहीं लिए गए
विभागीय अधिकारियों ने रणनीति बनाई थी कि निजी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित शटडाउन समय में ही किया जाएगा। शटडाउन का समय सुबह 9 बजे से 10 बजे और शाम को 5 बजे से 6 बजे तक है। सुबह 10 बजे के बाद आई उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए इमरजेंसी शटडाउन नहीं लिए गए। कारण, एक-दो शिकायतों के निस्तारण के लिए शटडाउन लेने पर पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो जाती है। 10 बजे के बाद आई शिकायतों का निस्तारण शाम पांच से छह बजे के बीच किया गया।
संविदा कर्मियों को मिलने का समय नहीं दिया
ऊर्जा मंत्री ने निविदा संविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को मिलने का समय नहीं दिया। समिति के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने मंत्री को मांग ज्ञापन देने के लिए समय मांगा था।
समिति की मांग है कि संविदा कर्मचारियों का विनियमितीकरण किया जाए या समान कार्य समान वेतन आदेश को लागू कर हजारों कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाए।