दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड के भू-माफिया यशपाल तोमर की मेरठ पुलिस से भी सांठगांठ थी। पुलिस से मिलकर भू-माफिया पहले मुकदमा दर्ज कराता था और फिर सेटिंग कर समझौते कराकर मोटी रकम वसूलता था। इसका हिस्सा पुलिस को जाता था। भू-माफिया ने दिल्ली के व्यापारी गिरधारी चावला को भी जानलेवा हमले के मामले में शिकार बनाया था। इस मामले की जांच अब एसपी सिटी ने की तो सारा खेल सामने आया। एसएसपी का कहना है कि यशपाल तोमर की करीब 45 करोड़ की संपत्ति कुर्क भी की जाएगी। इसके साथ ही एक इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाहियों पर भी मुकदमे की तैयारी की जा रही है।
मामला नौ नवंबर 2020 का है। दिल्ली के व्यापारी गिरधारी लाल चावला अपने ड्राइवर गौरव के साथ शॉप्रिक्स मॉल में आए थे। एक प्रॉपटी को लेकर उनकी यहां पर मीटिंग थी। बिजली बंबा बाईपास स्थित सुपरटेक पामग्रीन के पास स्कूटी सवार दो बदमाशों ने गिरधारी लाल और गौरव को गोली मार दी। इस सूचना पर ब्रह्मपुरी पुलिस ने दोनों को हापुड़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और एक घंटे बाद दिल्ली रेफर कर दिया। इस मामले में गिरधारी लाल के भाई भरत चावला, अमन, करण, सुधा, सुशील, प्रेम चावला और देवेंद्र प्रधान नामजद आरोपी बने। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों के यहां पर दिल्ली में दबिश दी गई। इसमें कई लोगों को जेल भेजा गया।
जेल से छूटने के बाद आरोपी पक्ष एसएसपी प्रभाकर चौधरी से मिला और खुद को बेकसूर बताया और ब्रह्मपुरी पुलिस की सांठगांठ से यशपाल तोमर के कहने पर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। इस मामले की जांच एसपी सिटी विनीत भटनागर ने की तो सभी आरोप सही पाए गए। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में तत्कालीन ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी सुभाष अत्री को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। एसपी सिटी ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। इसके बाद यशपाल तोमर निवासी बागपत के खिलाफ धारा 307 में मुकदमा दर्ज कर लिया है। तत्कालीन इंस्पेक्टर और दरोगा पर भी मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर दी है। यशपाल तोमर पुलिस से सांठगांठ करके 19 फर्जी मुकदमे दर्ज करा चुका है।
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