मेरठ में कोर्ट में पुलिस रिमांड की सुनवाई से पहले सोतीगंज में चोरी-लूट की गाड़ियां काटने वाला शातिर कबाड़ी हाजी नईम उर्फ गल्ला बेहोश हो गया। पुलिस कस्टडी में हालत बिगड़ते ही गल्ला को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब एक घंटा चेकअप चला और फिर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि गल्ला ने बेहोशी का महज ड्रामा किया था।
50 हजार का इनामी और कुर्की वारंट होते ही गल्ला ने अपने चारों बेटों के साथ सात अक्तूबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, उसे जेल भेज दिया गया था। गल्ला के ठिकाने कहां-कहां हैं और उसका नेटवर्क कितना बड़ा है, इसका पता लगाने के लिए रिमांड को लेकर तीन दिन से कोर्ट में जिरह चल रही थी। संभवत: गुरुवार को पुलिस रिमांड पर कोर्ट निर्णय ले सकती थी। गल्ला व उसके बेटों को दोपहर में जिला जेल से पुलिस कस्टडी में कोर्ट ले लाया जा रहा था। कचहरी में गल्ला बेहोश होकर सड़क पर गिर गया। सिविल लाइन और सदर थाने की पुलिस ने गल्ला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसका ब्लड प्रेशर, शुगर आदि चेकअप हुआ, जो कि सामान्य मिला। वहीं कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी।
बेहोशी का ड्रामा तो नहीं...
गल्ला को जेल से कोर्ट लाने की जिम्मेदारी पुलिस लाइन में तैनात दरोगा सुधीर कुमार की थी। पुलिस का कहना है कि पुलिस रिमांड से बचने के लिये उसने ड्रामा किया है।
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