संयुक्त किसान मोर्चा और हरियाणा के बड़े किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को छुड़वाने के लिए रात में ही किसान पुलिस लाइन पहुंच गए। राष्ट्रीय जाट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित जाखड़ दर्जनों किसानों के साथ सबसे पहले पुलिस लाइन पहुंचे। देर रात करीब साढ़े 11 बजे चढू़नी को रिहा कर दिया गया।
रोहित जाखड़ ने गुरनाम सिंह चढूनी से मिलवाने की मांग की, लेकिन गेट पर खड़े पुलिस अधिकारियों ने इंकार कर दिया। इसके बाद जल बिरादरी के नेता मेजर डॉ. हिमांशु भी समर्थकों के साथ पहुंच गए और गेट के बाहर धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी।
सूचना पर रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ राजकुमार सांगवान, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, सुनील रोहटा, नरेंद्र खजूरी, गौरव जिटौली आदि आ गए और चढूनी को छोड़ने की मांग की। सांगवान ने कहा कि पुलिस तानाशाही छोड़कर चढूनी को छोड़े। भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी और प्रवक्ता बबलू जिटौली भी दर्जनों किसानों को लेकर मौके पर पहुंचे। बबलू जिटौली ने बताया कि किसानों को मामले की जानकारी फोन से दे दी है।
गांवों से किसानों का आना शुरू हो गया है। जब तक चढूनी को नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक यहां से नहीं हटेंगे। एसएसपी ने देर रात करीब 11 बजे आकर बताया कि गुरनाम सिंह चढ़ूनी को छोड़ दिया गया है। उन्हें पिछड़े दरवाजे से भेज दिया गया है। इसके बाद भी किसान देर रात तक पुलिस लाइन में ही डटे थे और नारेबाजी कर रहे थे।
इस तानाशाह सरकार के आगे नहीं झुकेंगे : चढ़ूनी
रिहा होने के बाद रात करीब साढ़े 11 बजे गुरनाम सिंह चढूनी किसानों का शुक्रिया अदा करने उनके बीच पहुंचे। चढूनी ने कहा कि ये आपके प्यार और संघर्ष की जीत है। हम इस तानाशाह सरकार के आगे झुकेंगे नहीं। लड़ेंगे और जीतेंगे। किसानों ने किसान एकता और जयंत चौधरी जिंदाबाद के नारे लगाए।