क्या है जीनोम सीक्वेंसिंग
जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा होता है। कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है। विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सीक्वेंसिंग कहते हैं। इससे ही कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता चलता है।
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मेरठ में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए तैयारी
अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र
12 ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 26 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक शासकीय मेडिकल कॉलेज, दो निजी मेडिकल कॉलेज, एक जिला अस्तपाल और एक महिला अस्पताल।
बेड
शासकीय चिकित्सालयों में कुल 1130 बेड और निजी चिकित्सालयों में 1764 बेड। इनमें एल-1 वन फैसेलिटी में 40, एल-दो में 585, एल-थ्री में 100 और नवजात शिशु के लिए 164 बेड आरक्षित।
ऑक्सीजन
13 शासकीय ऑक्सीजन प्लांट और 14 निजी ऑक्सीजन प्लांट। पांच लीटर क्षमता वाले ऑक्सीजन कंन्सनट्रेटर की संख्या 344 और 10 लीटर वाले कंन्सनट्रेटर 247 है।
ग्रामीण स्तर पर 30 कोविड जांच टीम
नगरीय स्तर पर 52 जांच टीम
जिले में कुल 77 एंबुलेंस हैं, जिसमें 102 एंबुलेंस 35 हैं। 108 एंबुलेंस 38 हैं। चार एंबुलेंस एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा वाली हैं।