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मेरठ : जर्जर बस बेड़े से कैसे पार होगा रोडवेज का दीपावली अभियान, वर्कशॉप में खड़ीं सौ से ज्यादा बसें

Tue, 02 Nov 2021 04:03 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ डिपो की सौ से ज्यादा बसें टायरों और स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते वर्कशाप में खड़ी हैं, ऐसे में दीपावली पर निकलने वाली भारी भीड़ को गंत्व्य तक पहुंचाने के लिए जर्जर बसों को देखकर अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
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रोडवेज बस के हॉर्न को सही करता कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीपावली पर निकलने वाली भारी भीड़ को गंतव्य तक पहुंचाने वाली बसों का जर्जर बेड़ा देखकर रोडवेज अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। टायरों और स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते सौ से ज्यादा बसें वर्कशाप में खड़ी हैं। बसों की कमी के चलते न तो रूटों पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था हो पाएगी और न ही इमरजेंसी के लिए बसों को तैयार रखा जाएगा। आज से शुरू हो रहे रोडवेज के 10 दिवसीय दीपावली अभियान को लेकर अधिकारी चिंतित हैं।

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ऑनरोड बसों की लगातार संख्या कम होने का असर विभाग की आय पर पड़ रहा है। मेरठ रोडवेज रीजन के पिछले चार महीनों की आय पर नजर डालें तो भैसाली डिपो को छोड़कर बाकी चारों डिपो मेरठ, गढ़, सोहराबगेट और बडौत डिपो को हर महीने 10 से 15 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। रोडवेज ने 2 नवंबर से 11 नवंबर तक 10 दिवसीय दीपावली अभियान शुरू किया है। धनतेरस के दिन से लोग अपने घरों के लिए निकलना शुरू कर देते हैं। भैयादूज के मौके पर लोकल रूटों पर भारी भीड़ निकलती है।

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केंद्रीय कार्यशाला में बिना टायरों के पानी में गल रही बसें 
रोडवेज के दीपावली अभियान की तैयारी को देखने के लिए सोमवार को अमर उजाला की टीम दिल्ली रोड स्थित रोडवेज की केंद्रीय कार्यशाला पहुंची। यहां पर टायरों और स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते दर्जनों बस खड़ी मिली। इनमें मेरठ डिपो की बस संख्या यूपी 15एटी-8513, यूपी 15एटी-8663 और यूपी 42एटी-0685 बिना टायरों के बारिश के पानी में खड़ी होकर खराब हो रही है। वहां काम कर रहे वर्कशाप कर्मियों ने बताया कि महीने में दस से बारह बसों के टायर आते है तब तक दस से बारह अन्य बसों के टायर घिसकर उतर जाते हैं। स्पेयर पार्ट्स नहीं मिलने से बस की प्रोपर मेंटेनेंस नहीं हो पा रही है। 

750 बसों के बेड़े में 650 बसें हो पाएंगी ऑनरोड 
रोडवेज सूत्रों का कहना है कि दीपावली अभियान में रोडवेज की 750 बसों में से करीब 650 बसें ही ऑनरोड हो पाएंगी। 100 बसों की कमी का असर सभी रूटों पर देखने को मिलेगा। रोडवेज के सामने दीपावली पर निकलने वाली यात्रियों की भीड़ को गंतव्य तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती है।

विभाग की तैयारी पूरी 
टायरों और स्पेयर पार्ट्स की कमी का असर बसों पर पड़ रहा है। ये सही है कि सभी बसें ऑनरोड नहीं हो पाएगी। लेकिन विभाग उपलब्ध बसों का प्रबंधन तरीके से करने की तैयारी कर रहा है, ताकि किसी भी यात्री को असुविधा न हो। - केके शर्मा, आरएम रोडवेज मेरठ रीजन 
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