इससे बचाव का तरीका यही है कि अगर तबीयत बिगड़ रही हो तो तुरंत अस्पताल या चिकित्सक के पास जाएं। अगर समय रहते व्यक्ति अस्पताल या चिकित्सक के पास चला जाता है तो उसे जान का खतरा नहीं रहता है। वन्य जीव विशेषज्ञ आरके सिंह ने बताया कि बहुत ज्यादा संख्या में मधुमिक्खयों के काटने से डंक के साथ टॉक्सिन शरीर में डलता है, जिससे कई बार शॉक के कारण भी जान चली जाती है।
इंसान को काटने के बाद मधुमक्खियां भी मर जाती हैं
वन्य जीव विशेषज्ञ ने बताया कि मधुमक्खी इंसान को काटने के बाद मर जाती है। दरअसल, काटने के बाद वह अपना स्टिंगर (डंक) वापस नहीं खींच पाती। स्टिंगर खींचने के चक्कर में न सिर्फ उसका स्टिंगर टूटता है, बल्कि उसके साथ उसकी आंत, पाचन तंत्र और मांसपेशियां भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसी चक्कर में मधुमक्खी की मौत हो जाती है। यह उनके लिए ऑर्गन फेल्योर जैसा होता है।