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दर्दनाक: पांच मजदूरों के उड़े चिथड़े पर मौत का राज बना रहस्य, दिखावे के थे बम या मौत का बारूद, पढ़िए रिपोर्ट

Sat, 21 Oct 2023 06:18 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Blast In Factory : पांच मजदूरों की मौत आखिर किस चीज के धमाके से हुई थी, ये जानने के लिए रिपोर्ट आने तक इंतजार करना होगा। समय कितना लगेगा, ये कुछ नहीं कहा जा सकता।
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मेरठ में विस्फोट - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मोबिल ऑयल, थिनर, फिनाइल। किसी में आग नहीं। एक कागज का टुकड़ा तक नहीं जला। सिर्फ दो धमाके हुए और पूरी बिल्डिंग के साथ पांच मजदूरों के चीथड़े उड़ गए। 25 मीटर दूर स्थित दो मंजिला मकान ध्वस्त हो गया। बारूद था नहीं, केमिकल सारे सुरक्षित मिले। ऐसे में आखिर ये धमाका हुआ तो हुआ कैसे। साइंस के एक्सपर्ट इस मामले में कुछ नहीं बता पा रहे हैं।

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ऐसे में ये बस अब एक राज है। ऐसा राज जिसका फाश अब सिर्फ फॉरेंसिक लैब द्वारा ही किए जाने की बात कही जा रही है। पांच मजदूरों की मौत आखिर किस चीज के धमाके से हुई थी, ये जानने के लिए रिपोर्ट आने तक इंतजार करना होगा। समय कितना लगेगा, ये कुछ नहीं कहा जा सकता।

मेरठ में अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट। - फोटो : अमर उजाला
पांच मजदूरों की मौत का शायद ये मेरठ में इकलौता ऐसा मामला है, जिसमें मौका-ए-वारदात पर मिले सबूत, सबूत नहीं हैं। ये भी तब, जबकि एनडीआरएफ की टीम ने पुलिस, फायर बिग्रेड, प्रशासन और नगर निगम के सैकड़ों कर्मियों-अधिकारियों के सामने मलबे से स्काई बम और टॉय गन के भारी मात्रा में शॉट बरामद किए।

जिंदा तड़पते रहे मजदूर। - फोटो : अमर उजाला
सबको बताया कि यहां पटाखों का काम हो रहा था। इनकी बरामदगी के सारे वीडियो-फोटो सैकड़ों लोगों के फोन में सबूत के तौर पर दर्ज हुए। लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी सब खामोश हैं। फायर बिग्रेड के जो पुलिसकर्मी अपनी जान पर खेलकर मौके पर बारूद के उठते धुंए पर पानी डाल रहे थे, जो बार-बार बोल रहे थे, पटाखे हैं, सावधानी से रहो... का शोर मचा रहे थे। उनके भी आला अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।

मेरठ में विस्फोट। - फोटो : अमर उजाला
देश की सबसे बड़ी एजेंसी एनडीआरएफ के अधिकारियों द्वारा मीडिया के सामने पटाखों की बरामदगी। एटीएस जैसी संवेदनशील जांच एजेंसी के अधिकारियों द्वारा मौके पर पटाखों की जांच पड़ताल करना। इन सारे सबूतों के कोई मायने नहीं हैं।

फैक्टरी में विस्फोट। - फोटो : अमर उजाला
मौके पर जो स्काई बम और टॉय गन के शॉट मिले हैं, उनको बिना फॉरेसिंक जांच के अधिकारी बारूद मानने को तैयार नहीं हैं। लोहियानगर पुलिस ने टॉय गन शॉट के खोखे के भीतर मिले सफेद पाउडर को आगरा और गाजियाबाद के निवाड़ी की फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा है। ये वो लैब हैं, जहां पर जांचों की लंबी वेटिंग रहती है।

मेरठ में हादसा - फोटो : Amar Ujala
इन लैब से रिपोर्ट आने में कई-कई महीने लग जाते हैं। कई बार तो इससे भी ज्यादा वक्त लग जाता है। ऐसे में पटाखा स्टोर में विस्फाेट बारूद से ही हुआ था या कोई और शक्ति थी...इसकी फॉरेंसिंक लैब से पुष्टि होने में अभी इंतजार करना ही पड़ेगा। शायद महीना, शायद दो महीना... इंतजार करते रहिए।

मेरठ हादसा - फोटो : Amar Ujala
बिल्डिंग का मालिक संजय गुप्ता अभी तक गिरफ्तार नहीं
पुलिस ने पांच मजदूरों की गैर इरादतन हत्या के मामले में पटाखा गोदाम चलाने वाले गौरव गुप्ता को तो गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया लेकिन, बिल्डिंग मालिक संजय गुप्ता अभी भी फरार है।

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मेरठ हादसा - फोटो : Amar Ujala
सीओ कोतवाली अमित राय ने बताया कि आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है, उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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