पुलिस के मुताबिक, गल्ला ने बताया है कि उसके पिता निजाम 21 साल पहले सोतीगंज में कुर्सी बुनने का काम करते थे। तभी उसने बाइक ठीक करने की दुकान खोल ली। उसके बाद चोरी की बाइक काटना शुरू किया। बाइक और कार काटने का धंधा गल्ला ने सोतीगंज के अलावा कई जगह पर फैला दिया।
पुलिस का दावा है कि गल्ला के सोतीगंज में तीन मकान, पटेलनगर में एक मकान, छह गोदाम, कैंट इलाके में फार्म हाउस, गोदाम और कई दुकान होना भी बताया गया है। गल्ला की संपत्ति दूसरे राज्यों में भी है।
हालांकि गल्ला ने रिमांड के दौरान उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। एएसपी कैंट सूरज राय का कहना है कि गल्ला ने रिमांड के दौरान अवैध तरीके से अर्जित की संपत्ति के बारे में कई जानकारी दी हैं, जिनकी पुलिस तस्दीक कर रही है।
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2005 में पुलिस के रिकॉर्ड में आया था गल्ला
हाजी गल्ला 2005 में पुलिस रिकॉर्ड में आया था। उसके खिलाफ वाहन चोरी व काटने की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था। गल्ला पर 32 मुकदमे अलग-अलग थाने में दर्ज हैं। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और यूपी के कई जिलों में गल्ला का नेटवर्क फैला हुआ है।
कैंट में गल्ला की करोड़ों की संपत्ति
जांच में पता चला कि गल्ला की कैंट इलाके में करोड़ों रुपये की संपत्ति है। कैंट में फार्म हाउस खरीदा, जिसमें गल्ला ने गोदाम बनाया। 2010 में एक मकान खरीदा, जिसमें करोड़ों रुपये लगाए। 2016 और 2019 में दो अलग-अलग मकान खरीदे। कैंट में उसने कई दुकान खरीदी हुई हैं, जो किराये पर दी हैं। गल्ला और उसके बेटों के बैंक खातों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जीएसटी नंबर भी लिया हुआ
गल्ला ने तीन साल पहले जीएसटी नंबर लिया था। गल्ला ने इस जीएसटी पर कितनी कमाई दर्शाई है, इसके बारे में उसने ज्यादा कुछ नहीं बताया।