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UP: अबुल कासिम नोमानी ने मुसलमानों के हालात पर जताई चिंता, शादियों को खर्च को लेकर कही बड़ी बात

Fri, 04 Nov 2022 05:09 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

MEERUT NEWS : अबुल कासिम नोमानी ने मुसलमानों के हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने शादियों के खर्च को लेकर यह बड़ी बात कही।
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मेरठ पहुंचे अबुल कासिम नोमानी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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देवबंद दारुल उलूम के मोहतमिम व शेखुल हदीस मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी शुक्रवार को मेरठ पहुंचे। उन्होंने जली कोठी स्थित मस्जिद कुरैशियान में पहुंचकर मुसलमानों को सही रास्ते पर लाने के लिए शरीयत की बातें बताईं।

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उन्होंने कहा कि शादी में फिजूल खर्ची से बे-बरकती होती है। सबसे ज्यादा बरकत कम खर्च वाली शादी होती है। उन्होंने कहा कि इस्लाम को मुस्लिमों से ज्यादा गैरों ने समझा है। नमाज किसी भी सूरत में माफ नहीं है, हर हालात में नमाज अदा करनी है। कहा कि मुस्लमान कितना बदकिस्मत है, अजान हो रही है और वह घर में पड़ा है। हराम और हलाल नाजायज का फर्क मालूम नहीं है। 

उन्होंने कहा कि जुआ खेलना और शराब पीना हराम है। इन्हें कुरान में साफ हराम करार दिया है। ये सभी बुरी आदतें नमाज और अल्लाह की याद से महरूम कर देंगी। उलमा से राय ले लेनी चाहिए। हमें अपने गिरेबान में झांककर देखना होगा कि हमारा मुस्तकबिल क्या है। 
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उन्होंने कहा कि शादियों में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, डांस, बेपरदगी ये सब हराम है। शादी के कार्ड पर सुन्नत का तरीका लिखते हैं। शादी की अदायगी करते हुए बेफिजूल खर्च कर रहे हैं। शरीयत के हिसाब से शादी होनी चाहिए। बड़ी शादी फिजूल खर्च, तीन-तीन दिन तक प्रोग्राम हो रहे हैं। मुसलमान होने के हैसियत से सबसे पहले हमारा फर्ज है शरीयत पर चलना। 

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उन्होंने कहा कि सभी लोग नाराज हों, कुछ भी कहें, लेकिन शरीयत पहले है। उन्होंने मुसलमानों के वर्तमान हालात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा मुसलमानों का कोई मुस्तकबिल नहीं है। एकता होनी जरूरी है, राजनीतिक मामले हों या कोई अन्य मसला हो।
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