मेरठ में करीब पौने चार साल के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद बिटिया को इंसाफ मिला है। छह साल की बेटी से दुष्कर्म के दोषी रवि चड्ढा को सजा मिलने के बाद परिजनों ने कहा कि उन्हें न्याय पालिका पर पूरा भरोसा था।
बच्ची से दरिंदगी की यह घटना 27 फरवरी 2018 को तब हुई, जब शाम करीब छह बजे 10 रुपये लेकर दुकान पर मैगी लेने के लिए गई। इसी दौरान मोहल्ले में ही किराए के मकान में रह रहे आरोपी रवि चड्ढा ने पहले बच्ची को बहलाया और फिर जबरन अपने कमरे में ले गया।
बच्ची की चीख सुनकर आसपास के लोगों ने आरोपी को घेर लिया और उसकी पिटाई की। भीड़ आरोपी को पीटते-पीटते थाने ले गई। पीड़ित परिवार भी बच्ची को लेकर थाने पहुंच गए। बच्ची को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
बेटी की हालत देखकर उसकी मां और पिता समेत परिवार ने ठान ली कि आरोपी को सजा कराएंगे। ताऊ ने मुकदमा कराया और माता-पिता समेत छह लोग गवाह बने। सभी लोगों ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में गवाही भी दी।
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि इस सजा में ब्रह्मुपरी थाने के पैरोकार संजीव कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वह बार-बार वादी और गवाहों को समझाता रहा कि आरोपी को सजा हो जाएगी।