रूट डायवर्जन प्लान तैयार कर रही ट्रैफिक पुलिस
जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे अधिकारियों की तैयारियां भी तेज हो रही हैं। सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर तैयारियाें में जुटे हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने रूट का निरीक्षण कर लिया है, जल्द ही रूट डायवर्जन प्लान साझा किया जाएगा। अभी तक हर साल जिस रूट से कांवड़ यात्रा निकलती है, वहीं से ही कांवड़िये इस बार भी निकलेंगे।
अभी तक की प्लानिंग में कोई बदलाव रूट को लेकर नहीं है। मोदीपुरम और दिल्ली रोड पर जहां पर आरआरटीएस की प्लेट लगाकर कार्य रखा जा रहा, उन प्लेटों को थोड़ा पीछे करके कांवड़ियों के लिए रास्ता चौड़ा किया जाएगा। कुछ दिन के लिए रैपिड का काम रोकने पर भी विचार चल रहा है, ताकि कांवड़ियों को निकलने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
डीएम दीपक मीणा ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुधवार को बैठक कर रूट डायवर्जन प्लान जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। इसके बाद एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव ने आरआरटीएस के अधिकारियों के साथ वार्ता की।
परंपरागत रूट से कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। रूट डायवर्जन प्लान पर काम चल रहा है। जल्द ही रूट डायवर्जन प्लान साझा कर दिया जाएगा।
- जितेंद्र श्रीवास्तव एसपी यातायात, मेरठ
कंकरखेड़ा-सरधना रोड से कांवड़ियों को शहर में लाने की तैयारी
हाईवे पर कांवड़िया 6 जुलाई से दिखने लगेंगे। 15 जुलाई से कांवड़ सेवा शिविर भी लगने आरंभ हो जाएंगे। शहर में परतापुर से टोल प्लाजा तक, रुड़की रोड और हापुड़ रोड सहित शहर में लगभग 280 सेवा शिविर लगाए जाते हैं।
रुड़की रोड पर मेट्रो और रैपिड रेल के निर्माण कार्य के चलते 14 से अधिक स्थानों पर सड़क संकरी हो गई है। इस मार्ग पर परंपरागत 38 सेवा शिविर लगाए जाते हैं। इन स्थानों पर कांवड़ियों के रुकने, भोजन, दवा आदि का सेवा कार्य होता है। इन मार्गों पर सेवा शिविर लगाए जाने के बाद बड़ी झांकी कांवड़ और डाक कांवड़ निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है। पूर्व में भी इस मार्ग पर कई झांकी कांवड़ निकालने में घंटों लगते थे।
कैंट बोर्ड अधिकारियों के अनुसार इस बार कांवड़ियों को कंकरखेड़ा-सरधना रोड से शहर में लाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में पूरी माल रोड केसरिया हो जाएगी। इस संबंध में जिलाधिकारी ने भी ट्रैफिक, नगर निगम और छावनी परिषद से रिपोर्ट मांगी है।
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कांवड़ यात्रा मार्ग 10 जुलाई से पहले होगा गड्ढा मुक्त
सीईओ ज्योति कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत संबंधित पटल के अधिकारियों को आदेशित किया गया है। छावनी क्षेत्र में आने वाले परंपरागत कांवड़ यात्रा मार्ग पर पैचवर्क की व्यवस्था 10 जुलाई से पूर्व कराने के लिए आदेशित किया गया है। पैचवर्क कहां होना है और इस पर होने वाले अनुमानित खर्च का ब्योरा तैयार किया जा रहा है।
3.5 लाख कांवड़िया बाबा औघड़नाथ मंदिर में करेंगे जलाभिषेक
श्रावण मास की शुरुआत 14 जुलाई से हो रही है। 26 जुलाई को शिवरात्रि का जल चढ़ाया जाएगा। दो वर्ष से कांवड़ यात्रा से वंचित लोग दोगुने उत्साह से कांवड़ लाने की तैयारी कर रहे हैं।
बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति के अनुसार इस बार 3.5 लाख कांवड़िया बाबा औघड़नाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। नगर निगम कांवड़ मेले की तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए निर्माण, पथ प्रकाश और जलकल विभाग के अधिकारियों ने निगम सीमा के अंदर आने वाले कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया है वहीं कांवड़ियों की सुविधा के लिए किए जाने वाले कार्यों का बजट प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।