जिले में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। जिले में नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बृहस्पतिवार को नकहा ब्लॉक के नौपुरवा गांव के पास उल्ल नदी में 25 लोगों से भरी नाव पलटने से एक की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे और एक महिला लापता है। 21 लोगों को बचा लिया गया। जिले में दो दिन में पांच लोगों की जान गई है। बुधवार को धौरहरा में दो जगह नाव पलटी थीं, जिसमें एक की मौत हो गई थी जबकि 23 लोग बचा लिए गए थे।
रमियाबेहड़ ब्लाक के परौरी गांव के पास नाव पलटने से लापता हुए 17 लोगों में से नौ लोगों को बचा लिया गया जबकि आठ लोग अभी तक लापता हैं। जिनमें एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हैं। शारदा नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट आने के बावजूद बाढ़ की विभीषिका कम नहीं हुई है। घाघरा नदी के जलस्तर में बृहस्पतिवार को बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं, धौरहरा के समदहा गांव के तटबंध टूटने के कगार पर हैं। गांव में पानी बढ़ता जा रहा है। जिले में बाढ़ से निघासन, पलिया, धौरहरा तहसीलें पूरी तरह प्रभावित हैं, जबकि गोला और सदर तहसील आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं। भारत-नेपाल सीमा पर बहने वाली मोहाना और कर्णाली नदियां भी उफनाई हुई हैं। इससे कई गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। सदर तहसील के ही फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में जंगपुर के पास शारदा मिल पुरवा बांध भी पानी का दबाव नहीं झेल पा रहा है।