38 गांधी आश्रमों में जाता था मेरठ से बना सामान
मेरठ में गांधी आश्रम का प्रधान कार्यालय वर्ष 1928 में स्थापित हुआ। उस दौरान यहां करीब 600 कर्मचारी थे, लेकिन वर्तमान में मात्र 51 कर्मचारी हैं।
पहले यहां से देश के अन्य 38 गांधी आश्रम में कपड़ा आदि सप्लाई होता था। यहां की रंगाई शाला में ही कपड़े को रंगकर अन्य गांधी आश्रम में भेजा जाता था, अब रंगाई शाला बंद हो चुकी है। 15 अगस्त और 26 जनवरी के आसपास तिरंगा बनाया जाता है।
मेरठ काॅलेज के बरगद के पेड़ के नीचे हुआ था अखंड हवन
इतिहासकारों की मानें तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पहली बार 1920 में मेरठ आए थे। इसके बाद सन 1929 में वह मेरठ आए थे और मेरठ काॅलेज में छात्रों से वार्ता की। 1943 में जब उन्होंने 21 दिन का उपवास किया तो इसे लेकर मेरठ काॅलेज में स्थित बरगद के पेड़ के नीचे 194 घंटे का अखंड हवन किया गया था।
गांधी आश्रम में शुरू हुआ अखंड चरखा कताई यज्ञ
गांधी जयंती के मौके पर समिति की ओर से गांधी आश्रम में रविवार को अखंड चरखा कताई यज्ञ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा ने किया।