वेस्ट यूपी के नौ जिलों की 153 फर्म सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) के रडार पर हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इसकी सूची मेरठ स्थित सीजीएसटी कार्यालय को सौंपी है। आशंका है कि इनमें इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फर्जीवाड़ा कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है।
इन फर्मों का सीजीएसटी टीम वेरिफिकेशन कर रही है। अगर हेरफेर पाई जाती है तो एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कराया जाएगा और अगर फर्म पाक साफ निकलती है तो उसे इसकी एनओसी भी दी जाएगी।
ये फर्म मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बागपत, बड़ौत, शामली, अमरोहा, बिजनौर और रामपुर जिलों की हैं। इनमें करीब 90 प्रतिशत फर्म मुरादाबाद जनपद की हैं। 10 फर्म मेरठ जिले की हैं, जिनमें स्पोर्ट्स फर्म भी शामिल हैं। इन फर्मों को ‘रिस्की एक्सपोर्टर’ नाम दिया गया है।
यूं लिया रडार पर
- पांच करोड़ से ज्यादा आईटीसी लिया है
- फर्म आईटीसी लेने के बाद अचानक बंद हो गई
- जीएसटी लागू होने के बाद बनाई गई और फिर बंद हो गई
- आईटीसी क्लेम लेने के बाद खाते बंद कर दिए गए
- फर्म से जुड़े मोबाइल नंबर बंद कर दिए गए या बदल दिए गए