एमबीबीएस चिकित्सक बताकर मरीजों का इलाज करने वाले 10 झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर कराई गई है। डॉक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि पहले इन्हें नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया न ही जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
मेरठ में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 12 अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ थानों में तहरीर दी है। अब एफआईआर दर्ज होगी।
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एमबीबीएस चिकित्सक बताकर मरीजों का इलाज करने वाले 10 झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर कराई गई है। इन झोलाछाप के खिलाफ सीएमओ से शिकायत की गई थी। सीएमओ द्वारा गठित जांच कमेटी ने पाया कि ये झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। बताया गया कि इन झोलाछाप को पहले भी नोटिस दिए गए थे लेकिन इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आई शिकायतों के आधार पर सोमवार को उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुधीर कुमार ने प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बृजेंद्र स्वरूप जेल चुंगी, फिरदोस गांव पिटलोकर सरधना , सुनील कुमार रिठानी, कौसर अली आसिफाबाद परीक्षितगढ़, प्रमोद तोमर शाह पीर गेट थाना लिसाड़ी, अनुज सिरोही गांव समसपुर थाना हस्तिनापुर, फरमान आरटीओ पुल के पास, डालचंद मीनाक्षीपुरम, अजय शर्मा और सुदेश शर्मा सरधना, धर्मेंद्र कुमार सुशांत सिटी, शहाना परवीन नर्सिंग होम सरधना के खिलाफ तहरीर दी गई है।
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डॉक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि पहले इन्हें नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया न ही जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।