दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल गोपीचंद ने प्रेमिका से शादी करने के लिए पत्नी की हत्या की पूरी योजना तैयार कर रखी थी। इसके लिए उसने समय-समय पर तांत्रिक को लाखों की रकम भी दी, लेकिन तांत्रिक ने रुपयों के लालच में गर्दन रेतकर उसे ही मौत के घाट उतार दिया।
पूछताछ में तांत्रिक गणेशानंद उर्फ गनपत ने बताया कि उसने गोपीचंद को यह कहकर बुलाया कि मुर्गे की बलि लेते ही उसकी पत्नी की भी मौत हो जाएगी। उसने मुर्गे को जमीन पर रख दिया और गोपीचंद को जमीन पर लिटाकर उसकी आंख बंद करा दी। कहा कि आंख खोली तो तंत्र-मंत्र की सिद्धी पूरी नहीं होगी। इसके बाद तांत्रिक ने पहले मुर्गे की बलि दी और फिर दांव (फरसा) से गोपीचंद की गर्दन काट दी।
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साढ़े चार लाख रुपये वापस करने पड़ते
तांत्रिक ने बताया कि पत्नी को मरवाने के लिए गोपीचंद उसे साढ़े चार लाख रुपये दे चुका था। वह बार-बार दबाव डाल रहा था कि पत्नी की मौत क्यों नहीं हो रही। तांत्रिक जानता था कि तंत्र-मंत्र से किसी की मौत नहीं हो सकती। उसे डर था कि गोपीचंद रुपये वापस न मांगने लगे, इसलिए उसने हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्या करने से पहले भी तांत्रिक ने उससे डेढ़ लाख रुपये लिए थे।
शव तलाशना पुलिस के लिए चुनौती
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती गोपीचंद का शव बरामद है। तांत्रिक ने हत्या के बाद शव को गंगा में बहा दिया था। हत्याकांड को एक माह हो चुका है। हालांकि खुलासे के बाद पुलिस तांत्रिक को लेकर मौके पर पहुंची और अभियान भी चलाया, लेकिन शव का कोई पता नहीं चल सका। एसपी देहात कमलेश बहादुर का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर शव की तलाश की जाएगी।
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जब तक नहीं तोड़ा दम, करता रहा गर्दन पर वार
तांत्रिक के पहले वार के बाद गोपीचंद घायल होकर तड़पता रहा। इसके बाद तांत्रिक ने गर्दन पर कई वार किए और उसकी मौत के बाद गंगा नदी में शव बहा दिया। साथ ही गोपीचंद का मोबाइल और बाइक की नंबर प्लेट तोड़कर गंगा में धकेल दी, जिसे पुलिस ने 12 अप्रैल को बरामद कर लिया था।