बड़ी बहन भी दिल्ली मैराथन में पदक झटक चुकी हैं। विधि राष्ट्रीय स्तर पर अभी तक सात पदक अपने नाम कर चुकी हैं। इनमें पांच स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल है। लेकिन सातवें पदक ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में प्रतिभाग करने का मौका दिया है।
विधि ने पांचवें प्रयास में 14.77 मीटर गोला फेंककर एशियन जूनियर की क्वालिफाई दूरी 14.76 मीटर को पार करते हुए भारतीय जूनियर टीम में अपना स्थान पक्का किया। पहले प्रयास में 14.36 मी., दूसरे प्रयास में 13.58 मी., तीसरी थ्रो में 13.76 मी., चौथे प्रयास मे 14.68 मी. और पांचवें प्रयास में 14.77 मीटर थ्रो किया।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी योगेंद्रपाल सिंह, कोच रॉबिन सिंह, साथी खिलाड़ी सना चौधरी, धर्मेंद्र सिंह, किरण बालियान, अनुराग पटेल शैंकी व जिला एथलेटिक संघ अध्यक्ष आशुतोष भल्ला, सचिव अन्नु कुमार ने विधि को बधाई दी।
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पिता के साथ विधि चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
16.56 मीटर गोला फेंककर बनी थीं पहली महिला एथलीट
विधि ने पिछले साल नवंबर में राष्ट्रीय खेलों में कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने नवंबर 2022 में असाम के गुवाहाटी में आयोजित 37वीं जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अंडर-18 वर्ग में 16.56 मीटर गोला फेंक कर नया रिकॉर्ड कायम किया था। वो कम उम्र में अंडर-18 वर्ग में गोले को 16 मीटर पार करने वाली पहली भारतीय एथलीट भी बनीं।
इसी साल फरवरी 2023 में मध्यप्रदेश में हुए खेलों इंडिया यूथ गेम्स में 17.7 मीटर के नए मीट रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। रूपल चौधरी के बाद विधि जिले की इतनी कम उम्र की दूसरी एथलीट हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छलांग लगाई है। पिछले साल अगस्त में रूपल ने जूनियर वर्ल्ड एथलेटिक चैंपियनशिप में भारत को दो पदक दिलाए थे।
परिवार और कोच को दिया सफलता का श्रेय
विधि चौधरी ने तमिलनाडु से अमर उजाला से फोन पर बातचीत करते हुए इस सफलता का श्रेय परिवार और कोच रॉबिन सिंह को दिया है। उन्होंने बताया कि यह मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया है। उन्होंने बताया कि घर से कैलाश प्रकाश स्टेडियम 30 किमी. है। वह सुबह जल्द ही स्टेडियम पहुंच जाती थी।