गंगा एक्सप्रेसवे : बिजौली में कार्य शुरू
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन पर कब्जा लेने का कार्य शुरू हो गया है। प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की शुरूआत मेरठ के बिजौली गांव से हो गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) जल्द मेरठ में प्रोजेक्ट कार्यालय खोलने की तैयारी कर रहा है।
मेरठ से बदायूं तक इस चरण में 1746 करोड़ रुपये की लागत से आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर को कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। करीब दो माह पहले कंपनी की टीम ने मिट्टी की जांच के लिए बिजौली गांव से नमूने लिए थे। बिजौली से खड़खड़ी तक किसानों की जमीन पर निशानदेही के बाद पिलर लगाए जा रहे हैं।
मेरठ में नौ गांवों की 181 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण
गंगा एक्सप्रेसवे में मेरठ के नौ गांवों की 181 हेक्टेयर जमीन इस्तेमाल होगी। इसमें से 158 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। अब तक 305 बैनामे किए गए हैं।
इन 12 जिलों को जोड़ेगा
मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज।
मेरठ मेट्रो के रिठानी स्टेशन पर प्लेटफार्म का काम हुआ शुरू
रैपिड रेल कॉरिडोर पर रिठानी में मेरठ मेट्रो ट्रेन के स्टेशन का प्लेटफार्म बनना शुरू हो गया है। रिठानी में रैपिड रेल नहीं रुकेगी। यहां परतापुर से मोदीपुरम के बीच प्रस्तावित मेट्रो ही मिलेगी।
रिठानी स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल की स्लैब कास्टिंग हो गई है। यह स्टेशन भूतल, कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म, तीन लेवल पर तैयार किया जा रहा है। रिठानी स्टेशन की लंबाई लगभग 75 और चौड़ाई 34 मीटर है। कॉनकोर्स लेवल दिल्ली-मेरठ हाईवे से लगभग 7 मीटर ऊंचा है। प्लेटफॉर्म लेवल की ऊंचाई 16 मीटर होगी। भूतल पर प्रवेश और निकास द्वार होंगे। प्लेटफॉर्म पर रैपिड रेल व मेरठ मेट्रो के लिए दो-दो ट्रैक बनेंगे।
यह होता है कॉनकोर्स लेवल
कॉनकोर्स लेवल पर सुरक्षा जांच कियोस्क, टिकट काउंटर होगा। प्लेटफार्म लेवल पर जाने के लिए एएफ़सी (ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन) गेट होंगे। आधुनिक सूचना डिस्प्ले बोर्ड, आसपास के प्रमुख स्थानों का मैप, सीसीटीवी कैमरे और शौचालय आदि होंगे। इसी लेवल से यात्री सीढ़ियों, लिफ्ट या एस्कलेटर से प्लेटफ़ार्म लेवल पर पहुंच सकेंगे।