ये है स्थिति
| टीकाकरण की स्थिति |
पहली डोज |
दूसरी डोज |
| हेल्थ केयर वर्कर |
24892 |
24602 |
| फ्रंट लाइन वर्कर |
25741 |
25741 |
| 45 से 60 साल उम्र |
852261 |
749975 |
| 18 से 44 साल उम्र |
1733821 |
1330219 |
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दो माह बाद कोरोना के सक्रिय केस पहुंचे दहाई के पार
मेरठ। जिले में कोरोना की रफ्तार तेज तो नहीं हुई है, लेकिन पहले के मुकाबले संख्या जरूर बढ़ी है। पिछले करीब दो माह बाद कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या दहाई के पार पहुंच गई। शनिवार को 3600 लोगों की जांच की गई, जिनमें कोरोना के चार नए मरीज मिले। सक्रिय केस 12 हो गए हैं। सभी होम आइसोलेशन में हैं। नए मरीज अब्दुल्लापुर, रजबन, पल्हेड़ा और जयभीमनगर के रहने वाले हैं। इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष हैं।
प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों पर कसेगा शिकंजा
प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों पर शिकंजा कसा जाएगा। नियम से तो पहले से है कि सरकारी नौकरी करते हुए निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकते, लेकिन इस पर सख्ती कम ज्यादा होती रहती है। अब प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को इस संबंध में पत्र भेजा है और महानिदेशक ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देशित किया है। निर्देश दिए हैं कि राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत चिकित्सा शिक्षकों से एक प्रमाण पत्र लिया जाए कि वे किसी भी प्रकार से प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करते हैं। अगर वे प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिले तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के चार चिकित्सकों का तबादला
विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी के कारण एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के चार चिकित्सकों के स्थानांतरण दूसरे मेडिकल कॉलेजों में कर दिए गए हैं। एनाटमी के आचार्य डॉ. गुलजारी लाल निगम को बांदा मेडिकल कॉलेज में किया गया है। सामान्य सर्जरी के आचार्य डॉ. प्रदीप कुमार, फिजियोलॉजी की आचार्य डॉ. प्रीति राठी और नेत्र रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. लोकेश कुमार सिंह को सहारनपुर मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया है।