मेरठ के थाना रोहटा क्षेत्र के हसनपुर रजापुर गांव में जुलाई 2016 में हुए चर्चित चेतन हत्याकांड में अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) ने हत्या के मामले में चार आरोपियों संजय, अशोक, सुमित और प्रकाश निवासी हसनपुर रजापुर को दोषी करार दिया है। उन्हें आजीवन कारावास एवं 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
एडीसीसी फौजदारी निशांत कुमार गर्ग ने बताया कि वादी मीतन कुमार ने थाना सरूरपुर पर 13 जुलाई 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बड़ा भाई चेतन और उसकी मां सावित्री जंगल से घास लेकर आ रहे थे।
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रास्ते में आरोपियों ने उनके भाई को रोक लिया। उससे अभद्रता की गई और फिर गोली चला दी गई। इससे चेतन की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी हाथों में हथियार लहराते हुए वहां से चले गए। बाद में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपियों को दोषी करार देकर सजा सुनाई गई। चेतन की हत्या के बाद चश्मदीद, उसकी मां सावित्री देवी और जीजा की भी आरोपियों ने हत्या कर दी थी। तभी से चेतन के भाई मीतन को पुलिस सुरक्षा मिली हुई है।
यह मामला चर्चित होने के कारण अदालत में हर तारीख पर मीतन को कड़ी सुरक्षा के बीच लाया जाता रहा।