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खास रिपोर्ट: पढ़िए, बच्चों पर क्यों हो सकता है कोरोना की तीसरी लहर का ज्यादा खतरा

Wed, 23 Jun 2021 03:35 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

माना जा रहा है कि अगर कोरोना की तीसरी लहर आई तो उसका ज्यादा खतरा बच्चों को होगा। इस खास रिपोर्ट में पढ़िए बच्चों को खतरा क्यों हो सकता है।
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कोरोना फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यदि कोरोना की तीसरी लहर आई तो बच्चे इस वायरस की चपेट में ज्यादा आएंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि तीसरी लहर तक देश में ज्यादातर वयस्क लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग जाएगी। ऐसे में ये लोग बच्चों के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित रहेंगे। वहीं बच्चों के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं लग पाई है। जो वैक्सीन बनी हैं उनका ट्रायल 16 साल से ज्यादा उम्र के लोगों पर ही किया गया है।

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तीसरी लहर का अनुमान ‘सूत्र मॉडल’ के तहत लगाया गया है। इस मॉडल पर काम करने वाले तीन लोग सरकार के एक्सपर्ट पैनल के सदस्य रह चुके हैं। इन्होंने कोरोना वायरस केस के डेटा पर गणितीय विधि के आधार पर अनुमान लगाया है। मॉडल के मुताबिक, तीसरी लहर आने में 6-8 महीने का वक्त लग सकता है। ये स्थानीय स्तर पर ज्यादा होगा और ज्यादातर लोग वैक्सीनेशन की वजह से इसकी जद में नहीं आएंगे।

दरअसल, कोरोना वायरस अपना रूप बदलता रहता है। जब वैक्सीनेशन बढ़ेगा तब वायरस लोगों को संक्रमित करने का नया तरीका ढूंढेगा। इसका कोई भी वैरिएंट हो वह ह्यूमन टू ह्यूमन ही फैलता है। इसलिए इसके संक्रमण की कड़ी को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने से तोड़ना होगा, यानी लोगों को पूरी शिद्दत से कोरोना से जुड़े नियमों का पालन करना ही होगा। 
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सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तलियान ने बताया कि दुनिया के 22 से ज्यादा देशों में तीसरी लहर का प्रभाव देखने को मिला है। जर्मनी, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड्स, पोलैंड, कनाडा, ब्रिटेन, जापान जैसे देशों में नए वैरिएंट की वजह से कोरोना महामारी की नई लहर देखने को मिली है। अमेरिका, ब्राजील, तुर्की जैसे देशों में भी कोरोना की तीसरी लहर ने भयावह प्रकोप दिखाया। यही वजह है कि तीसरी लहर के कयास लगाए जा रहे हैं। 

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कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को ऐसे बचाएं
मेडिकल के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विजय जायसवाल ने बताया कि किसी भी वायरस से बचने के लिए हमारी इम्युनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है। यदि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होगी तो बीमारियां कम होंगी। मल्टीविटामिन भी आपकी इम्युनिटी को मजबूत करती हैं जिससे आपका शरीर बीमारियों से लड़ सके। ऐसे में बच्चों को कोरोना में सुरक्षित रखने के लिए हेल्दी खाना खिलाएं। फल और सब्जियां, फ्रूट जूस भरपूर मात्रा में खिलाएं। बच्चों को धूप में बैठने के लिए कहें। कोरोना की बाल रोग समिति के सदस्य डॉ. नवरतन ने बताया कि यदि बच्चों में खाने-पीने की आदत अच्छी है तो बीमारियां और कोरोना वायरस भी ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। वहीं जो बच्चे कमजोर और कुपोषित हैं उन्हें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। 

इसलिए है अनुमान 
- यूके और महाराष्ट्र में तीसरी लहर आ चुकी है। महाराष्ट्र में कई पॉकेट्स में आई है। 
- युवाओं और बुजुर्गों का वैक्सीनेशन हो चुका है, बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी है। 
- लोग अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं,  कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। 
- युवा-बुजुर्ग कोरोना से ज्यादा प्रभावित हुए हैं, उनमें इम्यूनिटी बन गई गई, बच्चे कम संक्रमित हुए।
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