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सीबीएसई अपडेट: घर के नजदीक बनेंगे परीक्षा केंद्र, पढ़िए ये हैं जरूरी बातें

Thu, 21 Jan 2021 07:26 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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बुधवार को एक होटल में आयोजित बैठक में मौजूद प्रधानाचार्य और स्कूल संचालक। संवाद - फोटो : अमर उजाला
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सीबीएसई 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं हमेशा की तरह इस साल भी यथावत होंगी। परीक्षाओं के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके साथ ही मार्च नहीं बल्कि मई में पेपर होंगे। सामाजिक दूरी के नियमों का पालन हो इसके लिए पिछले साल से अधिक परीक्षा केंद्रों होंगे। इसके तहत छात्र को घर के पास ही बोर्ड परीक्षा केंद्र मिल सकता है। यह जानकारी बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने दी। 

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बुधवार को कंफेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट (सीआईएस) व मेरठ सहोदय की ओर से कंट्री इन होटल में आयोजित कांफ्रेंस में बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने ऑनलाइन संबोधन दिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ेगी, इसके अलावा किसी भी चीज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। परीक्षा व मूल्यांकन को जल्द कराने के लिए शिक्षकों की संख्या बढ़ाएंगे। 

बोर्ड सोशल मीडिया, सर्कुलर व रेडियो, टीवी के जरिए यह सूचना जारी भी करेगा। साथ ही कहा कि गणित, विज्ञान विषय के छात्रों की नीट, जेईई की परीक्षाएं बोर्ड परीक्षाओं से न टकराएं इसके लिए एनटीए से संवाद हो रहा है। इस समस्या को हल किया जाएगा। इस बार 45 दिन के पेपर शेड्यूल के बजाए 30-35 दिन का होगा। कांफ्रेस में 18 जिलों के 196 लोगों ने भाग लिया। आयोजन में नोएडा रीजन के क्षेत्रीय अधिकारी मनीष अग्रवाल व देहरादून रीजन के क्षेत्रीय अधिकारी रणवीर सिंह भी उपस्थित रहे।  
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सीआईएस सचिव राहुल केसरवानी सहित सिटी को-ऑर्डिनेटर सुधांशु शेखर, सहोदय अध्यक्ष प्रेम मेहता, सीईओ डॉ. अल्पना शर्मा, गोपाल दीक्षित, डॉ. अनुपमा सक्सेना, सतीश शर्मा व पदाधिकारियों ने स्वागत किया। अंत में सहोदय सदस्यों को प्रमाणपत्र बांटे गए। अलीगढ़, अमरोहा, मुरादाबाद, बागपत, बरेली, बिजनौर, बुलंदशहर, पीलीभीत, संभल, हापुड़, मुजफ्फरनगर, नोएडा, सहारनपुर, शामली, शाहजहांपुर, गाजियाबाद जिलों के प्रिंसिपल, शिक्षक शामिल रहे। संचालन पूनम सिंह ने किया।

तीन दिन में खुलेंगे छठवीं से आठवीं तक के स्कूल
सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने कहा कि आगामी तीन दिन में छठवीं से आठवीं की कक्षाएं यथावत शुरू होंगी। नर्सरी से पांचवीं की कक्षाएं शुरू होने का निर्णय फरवरी तक हो सकता है। स्कूल इसके लिए तैयारी करें।

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आरटीई में आ सकते हैं बड़े बदलाव
सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने कहा स्कूलों की मान्यता बढ़ाने के लिए अब चक्कर नहीं काटने होंगे। ऑनलाइन आवेदन करते ही 24 घंटे में मान्यता को बढ़ाने की अनुमति दे दी जाएगी। नई मान्यता के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू है, बोर्ड एक्सटेंशन में आईसी को खत्म कर सकता है। डीईओ के हस्ताक्षर की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। सरकार आरटीई को प्री नर्सरी व नर्सरी से बारहवीं तक लागू कर सकती है। आरटीई में 25 प्रतिशत सीटें स्कूलों में आरक्षित हो सकती है। आरटीई में स्कूल को अभी 450 रुपये प्रतिपूर्ति प्रति छात्र मिलती है जो बढ़कर 1 हजार रुपये प्रति छात्र हो सकती है।

कोरोना काल में भी खुले स्कूल
नोएडा आरओ मनीष अग्रवाल ने कहा कोरोना में आर्थिक मुश्किलें थी इसका असर नए स्कूल खुलने पर नहीं आया है। देश में पिछले साल लगभग 20 हजार से अधिक सीबीएसई स्कूल थे, इस वर्ष स्कूलों की संख्या बढ़ी है। नोएडा रीजन में भी लगातार नए स्कूलों को मान्यता दी जा रही है। देहरादून के आरओ मनीष अग्रवाल ने कहा कांटेक्ट लैस नहीं लेकिन कोरोना नियमों का पालन करते हुए स्कूल खुलेंगे, पेपर होंगे।

ये हैं जरूरी बातें
- परीक्षाएं और प्रैक्टिकल पिछले साल की तरह ही होंगे, होम सेंटर नहीं बल्कि दूसरे स्कूल सेंटर बनेंगे। बोर्ड द्वारा नियुक्त किए एक्सटर्नल के निरीक्षण में पेपर, प्रैक्टिकल होंगे।
- केंद्रों पर ही होगा मूल्यांकन, गलत मूल्यांकन पर शिक्षक व केंद्र प्रभारी भी जिम्मेदारी होंगे और नोटिस भी मिलेगा। अच्छे मूल्यांकन वाले शिक्षकों का होगा सम्मान। मूल्यांकन भत्ता भी बढ़ सकता है। त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए आ सकता है नया सॉफ्टवेयर। 
- नई शिक्षा नीति में हर शिक्षक को 50 घंटे की ट्रेनिंग रीजनल ऑफिस के सबडिवीजन सेंटर पर होगी।
- नई नीति के कुछ बिंदु सीबीएसई लागू कर चुका है, शेष बिंदु जल्दी लागू होते रहेंगे तिथि तय नहीं हैं। नई नीति के तहत हिंदी में ही पढ़ाई यह विद्यालय पर निर्भर है।
- नया सत्र समय पर हमेशा की तरह कोरोना नियमों का पालन करते हुए शुरू होगा।
- फीस माफ नहीं, अभिभावक, स्कूल मिलकर हल करें फीस का मसला।

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