आरटीई में आ सकते हैं बड़े बदलाव
सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने कहा स्कूलों की मान्यता बढ़ाने के लिए अब चक्कर नहीं काटने होंगे। ऑनलाइन आवेदन करते ही 24 घंटे में मान्यता को बढ़ाने की अनुमति दे दी जाएगी। नई मान्यता के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू है, बोर्ड एक्सटेंशन में आईसी को खत्म कर सकता है। डीईओ के हस्ताक्षर की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। सरकार आरटीई को प्री नर्सरी व नर्सरी से बारहवीं तक लागू कर सकती है। आरटीई में 25 प्रतिशत सीटें स्कूलों में आरक्षित हो सकती है। आरटीई में स्कूल को अभी 450 रुपये प्रतिपूर्ति प्रति छात्र मिलती है जो बढ़कर 1 हजार रुपये प्रति छात्र हो सकती है।
कोरोना काल में भी खुले स्कूल
नोएडा आरओ मनीष अग्रवाल ने कहा कोरोना में आर्थिक मुश्किलें थी इसका असर नए स्कूल खुलने पर नहीं आया है। देश में पिछले साल लगभग 20 हजार से अधिक सीबीएसई स्कूल थे, इस वर्ष स्कूलों की संख्या बढ़ी है। नोएडा रीजन में भी लगातार नए स्कूलों को मान्यता दी जा रही है। देहरादून के आरओ मनीष अग्रवाल ने कहा कांटेक्ट लैस नहीं लेकिन कोरोना नियमों का पालन करते हुए स्कूल खुलेंगे, पेपर होंगे।
ये हैं जरूरी बातें
- परीक्षाएं और प्रैक्टिकल पिछले साल की तरह ही होंगे, होम सेंटर नहीं बल्कि दूसरे स्कूल सेंटर बनेंगे। बोर्ड द्वारा नियुक्त किए एक्सटर्नल के निरीक्षण में पेपर, प्रैक्टिकल होंगे।
- केंद्रों पर ही होगा मूल्यांकन, गलत मूल्यांकन पर शिक्षक व केंद्र प्रभारी भी जिम्मेदारी होंगे और नोटिस भी मिलेगा। अच्छे मूल्यांकन वाले शिक्षकों का होगा सम्मान। मूल्यांकन भत्ता भी बढ़ सकता है। त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए आ सकता है नया सॉफ्टवेयर।
- नई शिक्षा नीति में हर शिक्षक को 50 घंटे की ट्रेनिंग रीजनल ऑफिस के सबडिवीजन सेंटर पर होगी।
- नई नीति के कुछ बिंदु सीबीएसई लागू कर चुका है, शेष बिंदु जल्दी लागू होते रहेंगे तिथि तय नहीं हैं। नई नीति के तहत हिंदी में ही पढ़ाई यह विद्यालय पर निर्भर है।
- नया सत्र समय पर हमेशा की तरह कोरोना नियमों का पालन करते हुए शुरू होगा।
- फीस माफ नहीं, अभिभावक, स्कूल मिलकर हल करें फीस का मसला।
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