जिला अस्पताल में भर्ती महिलाओं ने बताया कि नवरात्र पर व्रत रखा था। शाम को कुट्टू के आटे के पकौड़ी, पराठे और पूड़ी बनाई थी। इसे खाते ही उल्टी होने लगी। पेट में दर्द हुआ। परिवार के लोगों ने उनको अस्पताल में भर्ती कराया है। इसकी जानकारी लगने पर टीपीनगर और ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस अस्पताल में पहुंची। अस्पताल में इलाज में देरी होने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने डॉक्टरों से बातचीत की।
पड़ोस की दुकान से खरीदा था आटा
जिला अस्पताल में भर्ती मलियाना भोला रोड निवासी अंशुल (18), प्रीति (17), रमेश(18), वरुण शर्मा(30), राधा शर्मा(26) ने बताया कि उन्होंने अपने पड़ोस की परचून की दुकान से बृहस्पतिवार सुबह ही कुट्टे का आटा खरीदा था। शाम को आटे से पराठे, पकौड़ी और पूड़ी बनाकर खाई थी। इंदिरापुरम निवासी भारती (35), बिंदिया (30), विशाल (25) और 50 साल की मंहिद्री ने बताया कि उन्होंने बुधवार को कुट्टू का आटा पड़ोस में परचून की दुकान से लिया था। शाम को पकौड़ी बनाकर खाई थी, इसे खाते ही बीमार हो गए।
देर रात तक अस्पताल में हुआ हंगामा
देर रात जिला अस्पताल में महिला और बच्चे को भर्ती कराने के लिए अफरातफरी मच गई। अपने-अपने मरीज को भर्ती कराने के लिए अस्पताल में कर्मचारियों से तीमारदार भिड़ गए। भर्ती करने में देरी होने पर लोगों ने हंगामा भी शुरू कर दिया। देर रात तक इलाज कराने आए लोगों को भर्ती करने के लिए मारामारी रही।
हालांकि देर रात सभी महिला और बच्चों का इलाज शुरू करा दिया गया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि उपचार में देरी होने पर हंगामा की सूचना मिलते ही देहलीगेट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची थी। लोगों को समझाया गया। उनका उपचार कराया जा रहा है।
खराब होगा कुट्टू का आटा: ईएमओ
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. लॉरेंस वर्मा ने बताया कि कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी, पकौड़ी और पराठे खाने से महिला व बच्चे बीमार हुए हैं। अंदेशा है कि कुट्टू का आटा पुराना होगा। वह खराब हो चुका होगा। कुछ दुकानदार एक साल पुराना आटा अपनी दुकान में रखते हैं। नवरात्र आने पर उनको फिर से बेचने लगते हैं। मामला फूड प्वाइजनिंग का है। उपचार भी समय पर शुरू करा दिया गया।