असलहा की प्रदर्शनी रोमांच पैदा कर रही है। इसकी खास बात यह भी है कि इसमें एक एतिहासिक वीएलपी गन को भी रखा गया है। पीतल से बनी हुई यह गन मेड इन आस्ट्रेलिया है, जो कि साल 1943 में बिजनौर पुलिस को मिली थी। तब पुलिस की अंग्रेजी हुकूमत की हुआ करती थी। प्रतिसार निरीक्षक ने बताया कि वेरी लाइट पिस्टल को सिग्नल पिस्टल भी कहा जाता है।
इस पिस्टल का आविष्कार अमेरिकन नेवी के लेफ्टिनेंट एडवर्ड वेरी ने किया था, जिस वजह से इसका नाम वेरी भी पड़ा। किसी खतरे में या सहायता के लिए, कलरफुल कार्टिज फायर की जाती थी। दोनों विश्वयुद्घ में इसका खूब इस्तेमाल हुआ।
हवा में फायर करते ही यह गन आसमान में रोशनी का रंग-बिरंगा गुब्बार बना दिया करती थी। वजन अधिक होने की वजह से इसे बाहर कर दिया गया। हालांकि रखी सहेज कर जा रही है।
वीएलपी एक ऐतिहासिक असलहा है। जिसे इस्तेमाल नहीं होने पर भी संभाल कर रखा जा रहा है। अब इसकी जगह मिनी फ्लेयर आ गई है। वीएलपी को प्रदर्शनी में रखने का मकसद है कि लोगों को ऐतिहासिक वस्तुओं की जानकारी हो सके। -दिनेश सिंह, एसपी