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अपने मेरठ कॉलेज का भी जवाब नहीं 

Sat, 09 Jun 2018 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ के कॉलेजों में एडमिशन? न भाई न। यहां तो रोज झगड़े होते हैं। हम तो दिल्ली यूनिवर्सिटी में ही प्रवेश लेंगे। आमतौर पर मेरठ के कॉलेजों के बारे में छात्र-छात्राओं के साथ ही पैरेंट्स की भी कुछ ऐसी ही धारणा है। लेकिन हकीकत कुछ और है। क्लास के समय इधर-उधर घूमने वाले गिनती के स्टूडेंट्स आपको हर कॉलेज में मिलेंगे। जिसको पढ़ना है उसके लिए अपने मेरठ के कॉलेज किसी से कम नहीं हैं। ऐसे में हम आपको मेरठ के कॉलेजों के बारे में रूबरू करा रहे हैं। सबसे पहले आपको ले चलते हैं मेरठ कॉलेज। 
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 वेस्ट यूपी के सबसे पुराने मेरठ कॉलेज की स्थापना सन् 1892 में हुई थी। 125 साल पूरे करने वाले मेरठ कॉलेज के एल्युमिनाई की लिस्ट में देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से लेकर तमाम अधिकारी और बिजनेसमैन शामिल हैं। आईआईटी दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर पद्मश्री डा. आरएस सिरोही हों या फिर टीआईएफटी मुंबई के डायरेक्टर डॉ. वीरेंद्र सिंह। बिट्स गोवा के डायरेक्टर डॉ. टीसी गोयल से लेकर रिटायर्ड वाइस एयर मार्शल केके जैन, रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस भटनागर, डीआरडीओ के डायरेक्टर रहे पीसी मांगलिक, इंटेलीजेंस ब्यूरो ऑफ इंडिया के पूर्व डायरेक्टर केपी सिंह तक ने यहां से पढ़कर कामयाबी के झंडे बुलंद किए हैं। 

कॉमर्स व साइंस फैकल्टी जबरदस्त
यहां की फैकल्टी की बात करें तो कॉमर्स और साइंस का कोई जवाब नहीं है। यहां जूलॉजी का म्यूजियम है। इतिहास के छात्र-छात्राओं के लिए हिस्ट्री म्यूजियम बन रहा है। डिफेंस स्टडीज पढ़ने वालों के लिए वॉर म्यूजियम बन चुका है तो देश की शान विजयंत टैंक मेरठ कॉलेज की शोभा में चार चांद लगा रहा है। वेस्ट यूपी के सबसे बड़े कॉलेज में तकरीबन डेढ़ सौ शिक्षक और इतने ही कर्मचारी हैं। नौ हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स की संख्या है। 
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यहां के शिक्षकों जवाब नहीं  
यहां के शिक्षकों की लिखी किताबें देश ही नहीं बल्कि विदेशों के विश्वविद्यालयों में भी पढ़ाई जा रही हैं। पूर्व प्राचार्य डॉॅ. एसके अग्रवाल की एनेलिटिकल केमेस्ट्री देशभर के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है। वहीं, एडवांस्ड इन आर्गेनिक केमेस्ट्री भारत के अलावा नेपाल, पाकिस्तान, सिंगापुर, दुबई, भूटान, हांगकांग, मॉरीसस और इंग्लैंड के विश्वविद्यालयों के सिलेबस में है। रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. ओपी शर्मा की प्रैक्टिकल बॉटनी की किताब देशभर के सभी विश्वविद्यालयों में लगी है। रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. वीके अग्रवाल, कुमार मित्तल, स्वर्गीय प्रो. एमएल खन्ना, पूर्व प्राचार्य स्वर्गीय डॉ. जेएन गुर्टू की जहां साइंस की किताबों का जलवा है। वहीं, स्वर्गीय डॉ. आरएन शर्मा की दर्शनशास्त्र की किताबें देश के तमाम विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती हैं। यहां के शिक्षकों की लिखी सोशियोलॉजी, मनोविज्ञान और राजनीतिक विज्ञान में लिखी किताबें भी तमाम कॉलेजों पढ़ाई जाती हैं।

सबसे ज्यादा जज लॉ फैकल्टी से 
मेरठ कॉलेज से एलएलबी करने वाले डेढ़ सौ से ज्यादा छात्र-छात्राएं देश की तमाम अदालतों में जज हैं। यहां लॉ करने के लिए आसपास के जिलों के अलावा दिल्ली और हरियाणा तक से छात्र-छात्राएं आते हैं।  

दो हॉस्टल 
मेरठ कॉलेज में इस वक्त एक ब्वॉयज हॉस्टल बीएनएम चल रहा है। लड़कियों के लिए सरस्वती गर्ल्स छात्रावास है। इसमें 50 से ज्यादा लड़कियों के रहने की जगह है। 

दो लाइब्रेरी  
कॉलेज में लाइब्रेरी की सुविधा है। जिसमें एक लाख के करीब किताबें हैं। यहां पर बैठने के लिए भी काफी जगह है। गर्ल्स और ब्वॉयज के लिए अलग-अलग जगह है। लॉ डिपार्टमेंट की अपनी अलग लाइब्रेरी है। 

स्पोर्ट्स एक्टिविटी हॉल 
कॉलेज में स्पोर्ट्स एक्टिविटी के लिए हॉल है। कई शिक्षक यहां पर स्पोर्ट्स एक्टिविटी सिखाते हैं। इसके साथ ही अगर आप एनएसस और एनसीसी लेना चाहते हैं तो उसकी भी विंग है। 

कोर्स - सीटें 
बीए - 880 
बीएससी बायोलॉजी - 480 
बीएससी मैथ -       480  
बीएससी स्टेटिक्स - 480 
बीकॉम -  480 
एलएलबी - 300 

पीजी में भी कई कोर्स
पीजी कोर्सों में एमए, एमकॉम, एमएससी, बीएड, पीएचडी कोर्स चल रहे हैं। सेल्फ फाइनेंस में बीएसी होम साइंस, बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीएससी बायोटेक्नोलॉजी, एमएससी होम साइंस और एमएससी कंप्यूटर साइंस कोर्स चल रहे हैं। 
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