फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सक्लूसिव: शिक्षकों की कमी से जूझ रहा पॉलीटेक्निक कॉलेज, खास रिपोर्ट में पढ़िए क्या है हाल

Thu, 17 Sep 2020 01:37 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
दिगंबर जैन पॉलीटेक्निक कॉलेज, बागपत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

शासन एवं शिक्षा विभाग की उपेक्षा के चलते दिगंबर जैन पॉलीटेक्निक कॉलेज शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। जिसका सीधा असर कॉलेज के विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। पिछले कई वर्षों से शिक्षकों की कमी के चलते कॉलेज में विभिन्न ट्रेड में छात्रों की संख्या भी लगातार घट रही है।

विज्ञापन


बागपत के बड़ौत में नगर की बड़का रोड पर वर्ष 1956 में सिविल ब्रांच के साथ दिगंबर जैन पॉलीटेक्निक कॉलेज की स्थापना हुई थी। इसके बाद वर्ष 1967 में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल ब्रांच भी संचालित होने लगी। वर्ष 1967 में ही सिविल ब्रांच में 20 छात्र, इलेक्ट्रिकल में 30 और मैकेनिकल ब्रांच में 30 छात्र की प्रवेश क्षमता रखी गई थी। इस दौरान कॉलेज में शिक्षकों की संख्या 41 थी। वर्ष 2010 में प्रवेश क्षमता उप्र सरकार द्वारा प्रत्येक संकाय में दोगुनी कर दी गई और द्वितीय पाली का भी संचालन बाखूबी आरंभ किया गया, लेकिन इस समय आलम यह है कि कॉलेज में शिक्षकों की संख्या घटते-घटते मात्र 15 रह गई है। ऐसे में कॉलेज में पढ़ने वाले सैंकड़ों छात्रों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। 

ये है कम या शून्य प्लेसमेंट वाले पाठ्यक्रम
देश में फैली कोरोना महामारी के चलते दूरदराज से छात्र पॉलीटेक्निक कॉलेज में पढ़ने तो आ जाते हैं, लेकिन ऐसे कई कोर्स व ट्रेड हैं, जिनमें शून्य प्लेसमेंट है। इसमें गारमेंटस एंड फैशन डिजाइनिंग, कंप्यूटर सांइस इंजीनियरिंग, बायो टेक्नोलॉजी, कागज और लुगदी प्रौद्योगिकी है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना नहीं चढ़ पाई परवान, यहां 1.40 लाख लोगों को मिलना था लाभ

विज्ञापन

ये है एडमिशन का हाल  
वर्ष                   सीट             भरी सीट        खाली
2017-18           540-              510           30
2018-19           540-              498           42
2019-2020        540               472           68
सीधे प्रवेश के बाद भी औसत 90 सीटें खाली रहती हैं।

ये बोले प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य डॉ. अजय त्यागी
का कहना है कि कॉलेज में बेहतर शिक्षण कार्य व कॉलेज में सीटे फुल करने के अथक प्रयास करने के बावजूद सीटें खाली रह जाती हैं। संस्था का प्रयास रहता है कि जो भी छात्र यहां पढ़ने के लिए आएं, वह कामयाब होकर ही जाएं। शिक्षकों की कमी से विभागीय अफसरों को अवगत कराया जा चुका है।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें