अधिकारी न सुनें तो फोरम में करें शिकायत:लोकपाल
मेरठ। अगर बिजली अधिकारी विद्युत समस्या का समाधान करने की बजाय आपको टरका रहे हैं तो आप इसकी शिकायत विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में करके न्याय पा सकते हैं।
यह बात प्रदेश के विद्युत लोकपाल श्रीकांत प्रसाद ने सोमवार को विक्टोरिया पार्क स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कही। प्रसाद ने बताया कि वे यहां उनके पास आए केसों की सुनवाई करने पहुंचे थे। दो दिन तक चली सुनवाई में मेरठ मंडल के कुल 31 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिसमें 9 केसों में निर्णय दिया गया। इसमें 8 केसों का फैसला उपभोक्ताओं के पक्ष में गया। प्रसाद ने बताया कि 1 अप्रैल 2017 से लेकर 24 फरवरी 2018 तक उनके पास कुल 397 केस आए थे। जिसमें से 245 केसों का निस्तारण किया जा चुका है। इसमें से 204 केसों में निर्णय उपभोक्ताओं के पक्ष में गया है।
43 केसों का निस्तारण
श्रीकांत प्रसाद ने बताया कि उनके पास पीवीवीएनएल के 69 केस पहुंचे थे। जिसमें से 43 केसों का निर्णय हो गया है। इसमें 37 केसों का फैसला उपभोक्ताओं के पक्ष में गया है। प्रसाद ने कहा कि उपभोक्ता पहले मामले की शिकायत अधिशासी अभियंता से करे। अगर यहां भी उसकी समस्या का निदान न हो तो फोरम में 50 रुपये के पोस्टल आर्डर के साथ शिकायत कर सकते हैं।
वॉल पेंटिंग नहीं करा रहे अधिकारी
फोरम का प्रचार प्रसार करने के लिए बिजलीघरों पर वॉल पेंटिंग नहीं कराए जाने के सवाल पर श्रीकांत प्रसाद ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। कहा कि इस बारे में अधिकारियों को कई बार कहा जा चुका है कि वे विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम के बारे में जानकारी और पते को सभी बिजलीघरों पर वॉल पेंटिंग कराएं ताकि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों का पता लग सके और वह न्याय नहीं मिलने की स्थित में फोरम में शिकायत कर सकें।
अपार्टमेंट वाले नहीं कर सकेंगे मनमानी
प्रसाद ने कहा कि जिन मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स का सिंगल प्वाइंट कनेक्शन है, वह वहां रहने वाले लोगों से मनमाना बिजली चार्ज नहीं वसूल सकेंगे। अगर ऐसा हो रहा है तो कोई भी उपभोक्ता इसकी शिकायत अधिशासी अभियंता से करे। अगर वहां सुनवाई नहीं होती तो फोरम का दरवाजा खटखटाए। इस मौके पर मुख्य अभियंता एसबी यादव, लोकपाल के सलाहकार अखिल कुमार, फोरम के सलाहकार आरके रस्तोगी, गुलाब सिंह, पीआरओ एचके सिंह आदि मौजूद रहे।
खास बातें
- विद्युत लोकपाल ने की 31 प्रकरणों की सुनवाई, 9 में दिया फैसला
- 397 केसों में से 245 केस निपटाए, 204 केसों में उपभोक्ताओं के पक्ष में गया फैसला