नामांकन की प्रक्रिया 10 से 17 फरवरी तक चलेगी। नामांकन पत्र एवं उसके साथ संलग्न शपथपत्र पर प्रत्याशी की चल-अचल संपत्ति, मुकदमों से संबंधित ब्योरा दर्ज किया जाता है। नामांकन पत्र पर उम्मीदवार का हस्ताक्षर होता है। ऐसे में नामांकन की औपचारिकता पूरी कराने के लिए अधिवक्ता, नोटरी अधिवक्ता, प्रस्तावकों, फोटोग्राफर को बांदा जेल जाने की अनुमति दी जाए।
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पूर्वांचल की हॉट सीट मानी जाने वाली मऊ सदर सीट हमेशा चर्चाओं में रहती है। मऊ सदर सीट लंबे समय से मुख्तार अंसारी का गढ़ रहा है। 1996 से लेकर अब तक इस सीट पर बाहुबली मुख्तार अंसारी का कब्जा रहा है। पिछली बार बसपा के टिकट पर मुख्तार अंसारी यहां से विधायक बने थे। इस सीट पर आजतक भाजपा के जीत नहीं मिली है। 2017 में मोदी-योगी लहर के बावजूद जिले की 4 में से 3 सीटों पर भाजपा जीती लेकिन मऊ सदर हार गई।