मामले के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक सरायलखंसी कृष्ण कुमार गुप्ता की तहरीर पर पांच जनवरी 2022 को गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें सदर विधायक मुख्तार अंसारी, संजय सागर, लालजी, केसर सिंह, विक्रमा यादव, सुरेश यादव, नरसिंह यादव, विंध्याचल यादव, बैजनाथ यादव और आनंद यादव को आरोपी बनाया गया है।
विधानसभा चुनाव में मऊ के सदर विधानसभा सीट से नामांकन के लिए मुख्तार अंसारी की ओर से दी गई अर्जी पर बुधवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। यह अर्जी नामांकन की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए अधिवक्ता, प्रस्तावक, नोटरी अधिवक्ता एवं फोटोग्राफरों को जनपद कारागार बांदा में जाने की अनुमति प्रदान करने से जुड़ी हैै।
प्रभारी विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट रामराज ने सुनवाई के लिए 10 फरवरी की तिथि तय की है। मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने कोर्ट में अर्जी दी है। इसमें उल्लेख किया गया है कि मऊ की सदर विधानसभा से मुख्तार अंसारी विधायक हैं तथा विधानसभा चुनाव 2022 में इसी विधानसभा सीट से नामांकन करना चाहते हैं।
मुख्तार अंसारी को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया है। नामांकन की प्रक्रिया 10 से 17 फरवरी तक चलेगी। नामांकन पत्र एवं उसके साथ संलग्न शपथपत्र पर प्रत्याशी की चल अचल संपत्ति, मुकदमों से संबंधित ब्योरा दर्ज किया जाता है। नामांकन पत्र पर उम्मीदवार का हस्ताक्षर होता है। ऐसे में नामांकन की औपचारिकता पूरी कराने के लिए अधिवक्ता, नोटरी अधिवक्ता, प्रस्तावकों, फोटोग्राफर को बांदा जेल में जाने की अनुमति दी जाए।